मुंबई। शहर की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी के बीच एक बार फिर मुंबई पुलिस ने अपराध के अंधेरे गलियारों में रोशनी डाली है। अंधेरी वेस्ट स्थित एक होटल में चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया, जबकि चार युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह कार्रवाई वर्सोवा पुलिस की एक सटीक और गुप्त ऑपरेशन शैली की मिसाल रही।
वर्सोवा पुलिस स्टेशन की टीम को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली थी कि अंधेरी वेस्ट के एक होटल में ऑनलाइन माध्यम से सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा है। सूचना सही पाई गई, और पुलिस ने बिना देर किए एक गुप्त ग्राहक के रूप में इस गिरोह की मुख्य आरोपी से संपर्क साधा। योजना के मुताबिक आरोपी को अंधेरी वेस्ट के जेपी रोड स्थित होटल में पैसे लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही नकद लेन-देन शुरू हुआ, पुलिस मौके पर पहुँची और महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार महिला की पहचान अलमेलु पटेल उर्फ ज्योति मधु कांबले (निवासी अंबरनाथ) के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिये ग्राहकों से संपर्क करती थी। वह विभिन्न गेस्ट हाउस, लॉज और होटलों में लड़कियों को भेजकर सौदे तय करती थी। पुलिस को मौके से कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिससे रैकेट के नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने में आसानी होगी।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 20 से 25 वर्ष की चार महिलाओं को रेस्क्यू किया है। पुलिस का कहना है कि इन युवतियों को इस गोरखधंधे में मजबूरी और आर्थिक दबाव के चलते फँसाया गया हो सकता है। सभी को सुरक्षित स्थान पर भेजकर काउंसलिंग और आगे की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्सोवा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(3) और पीआईटीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लिंक, सप्लायर, ऑनलाइन कनेक्शन और होटल नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महानगरों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करके ऐसे काले धंधे तेजी से फैल रहे हैं। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि शहर को ऐसे नेटवर्क्स की पकड़ से मुक्त करने के लिए कड़े अभियान जारी रहेंगे।
इस पूरे ऑपरेशन ने एक बार फिर पुलिस की सजगता और तत्परता को साबित किया है। शहर में बढ़ते साइबर-आधारित अपराधों को देखते हुए यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि अपराध चाहे डिजिटल परतों में छिपा हो, उसकी पकड़ से कानून की आंख नहीं चूकती।
— नितिन सिंह
01 दिसंबर 2025
