मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक हिंदू नाबालिग छात्रा को कथित रूप से पांच मुस्लिम छात्राओं द्वारा जबरन बुर्का पहनाने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पांचों आरोपित छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा और आरोपित छात्राएं एक ही स्कूल में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हैं। सभी की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। छात्राएं एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करती थीं और लंबे समय से आपस में मित्र थीं। यह घटना 20 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जब सभी छात्राएं ट्यूशन से लौट रही थीं।
पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया है कि रास्ते में पांचों छात्राओं ने उसकी बहन को घेर लिया और जबरन बैग से बुर्का निकालकर उसे पहनाया। इस दौरान उसकी बहन काफी डरी हुई और असहज महसूस कर रही थी, लेकिन दबाव के कारण वह विरोध नहीं कर सकी।
पीड़ित परिवार का दावा है कि बीते कुछ महीनों से आरोपी छात्राएं उनकी बेटी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थीं। वे उसे यह कहती थीं कि धर्म परिवर्तन करने से उसकी किस्मत बदल जाएगी और वह ज्यादा सुंदर दिखेगी। धीरे-धीरे वे उसके मन में अपने धर्म के प्रति नकारात्मक भावनाएं पैदा करने का प्रयास कर रही थीं।
भाई के अनुसार, 11वीं कक्षा के दौरान उनकी बहन की इन छात्राओं से दोस्ती हुई थी। शुरू में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में उनकी बातचीत और व्यवहार में बदलाव आने लगा। वह घरवालों की बातों को नजरअंदाज करने लगी और अधिकतर समय उन्हीं सहेलियों के साथ बिताने लगी।
पीड़िता शाहकुंज कॉलोनी में एक शिक्षक के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी, जो उसके घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। रोजाना वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल और कोचिंग आती-जाती थी। परिवार को जब उसकी गतिविधियों पर शक हुआ, तब उन्होंने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी बात नहीं मानती थी।
घटना के करीब एक महीने बाद, 22 जनवरी 2026 को पीड़िता के भाई ने बिलारी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसकी मदद से पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। छात्राओं से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़िता की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि वह मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सके।
यह मामला समाज में बढ़ती संवेदनशीलता और आपसी सौहार्द की आवश्यकता को दर्शाता है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और कानून पर विश्वास बनाए रखें।
— नितिन सिंह
24 जनवरी 2026
