नागौर में चाइनीज मांझे पर सख्त प्रतिबंध, मकर संक्रांति से पहले जिला प्रशासन का बड़ा फैसला
नागौर। मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा, पक्षियों के संरक्षण और विद्युत आपूर्ति को बाधा रहित बनाए रखने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अरुण कुमार पुरोहित ने आदेश जारी करते हुए राजस्व जिला नागौर की सम्पूर्ण क्षेत्राधिकारिता में धातु निर्मित सिंथेटिक/प्लास्टिक मांझे (चाईनीज मांझा) के उपयोग एवं विक्रय पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला कलक्टर ने बताया कि चाईनीज मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होता है, जिससे यह अत्यधिक धारदार होने के साथ-साथ विद्युत का सुचालक भी बन जाता है। इसके उपयोग से विशेषकर बच्चे, दोपहिया वाहन चालक और राहगीर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं। पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मांझे से गला कटने, हाथ-पैर जख्मी होने और यहां तक कि जान जाने की घटनाएं भी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यह मांझा पक्षियों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है। पतंगबाजी के दौरान उड़ता हुआ धातु निर्मित मांझा पक्षियों के पंखों और गर्दन में उलझकर उन्हें गंभीर चोट पहुंचाता है, जिससे उनकी मौत तक हो जाती है। इसके अतिरिक्त, विद्युत का सुचालक होने के कारण यदि यह मांझा बिजली के तारों के संपर्क में आता है तो करंट फैलने की संभावना रहती है, जिससे पतंग उड़ाने वालों को नुकसान पहुंच सकता है और विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।
इन्हीं गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धातु निर्मित सिंथेटिक/प्लास्टिक मांझे की थोक व खुदरा बिक्री, भंडारण, परिवहन एवं उपयोग को पूर्णतः निषेध/प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के मांझे का भंडारण, विक्रय, परिवहन अथवा उपयोग करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही प्रशासन ने पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा भी निर्धारित की है। आदेशानुसार प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि इन समयों में सक्रिय रहने वाले पक्षियों को नुकसान से बचाया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश की अवमानना भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगी तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जाएगा। यह आदेश 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।


जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल साधारण सूती मांझे का ही उपयोग करें और मकर संक्रांति का पर्व जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ मनाएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, जनहानि या पर्यावरणीय क्षति से बचा जा सके।
नितिन सिंह/ वीबीटी न्यूज/03 जनवरी 2025
