नागौर, 19 जनवरी।
जिला मुख्यालय के समीप मानासर स्थित पशु मेला मैदान में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्री रामदेव पशु मेले का शुभारंभ सोमवार को विधिवत रूप से किया गया। जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित एवं जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने झंडा पूजन कर झंडारोहण किया और मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं पशुपालकों का अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार मीणा ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत की और गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए इस वर्ष मेले को और अधिक सफल बनाने का भरोसा दिलाया।
अध्यक्षीय संबोधन में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि नागौर पशु मेला जिले की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसकी ख्याति राज्य ही नहीं बल्कि देश-विदेश तक फैली हुई है। इस मेले से पशुपालकों, व्यापारियों, कलाकारों और श्रमिकों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि समय के साथ परिवर्तन जरूर आया है, लेकिन मेले की उपयोगिता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। बाबा रामदेव जी महाराज के नाम से आयोजित यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक है।
जिला कलक्टर ने कहा कि नागौरी बैल न केवल खेती के लिए बल्कि अन्य राज्यों में नस्ल सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज भी दुर्गम क्षेत्रों में पशु परिवहन का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने पशुपालकों और व्यापारियों से अपील की कि वे पशु परिवहन के सभी नियमों का पालन करें। साथ ही राज्य से बाहर जाने वाले व्यापारियों को एनओसी संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा सरकार को समय रहते अवगत कराया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पशु मेले से लगभग 5 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो जिले की अर्थव्यवस्था में पशुपालन के महत्व को दर्शाती है। पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि पशु परिवहन के दौरान वाहनों की जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि नागौर पशु मेला सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है, जहां हर धर्म, जाति और प्रदेश के लोग एकत्रित होते हैं। उन्होंने कहा कि नागौरी बैल इस मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है, जो किसान की मेहनत, ताकत और निष्ठा का प्रतीक है। बदलते युग में जब सामाजिक जुड़ाव कम होता जा रहा है, ऐसे मेलों की आवश्यकता और बढ़ गई है।
इससे पूर्व पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हिम्मताराम भांबू ने कहा कि प्रत्येक घर में गाय पालन आवश्यक है, क्योंकि शुद्ध दूध, घी और जैविक खेती के लिए पशुधन अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने पशुपालकों को अनुदान देने और पशु परिवहन की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ अरविंद जाखड़, किसान नेता प्रेमसुख जाजड़ा, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सेन, सीओ पुलिस जतिन जैन, प्रोबेशनर आईपीएस डॉ. आदिती उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं पशुपालक उपस्थित रहे। मंच संचालन मोहम्मद शरीफ छींपा ने किया, जबकि डॉ. नरेंद्र प्रसाद चौधरी ने आभार व्यक्त किया।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
