November 30, 2025
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नागौर पुलिस ने साइबर शील्ड ऑपरेशन में 84 बैंक खातों वाला फ्रॉड नेटवर्क तोड़ा

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नागौर। नागौर पुलिस ने ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंटर-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 84 बैंक खातों की पहचान की है जिनका उपयोग देशभर में हो रही साइबर ठगी में किया जा रहा था। यह नेटवर्क राजस्थान ही नहीं बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैला हुआ पाया गया है।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने युवाओं को लालच देकर 8 से 15 हजार रुपये में उनके बैंक खाते खरीदे और उन्हें मनी-रूट के रूप में इस्तेमाल किया। कई युवा अनजाने में इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए। पुलिस ने पूरी चेन का खुलासा करते हुए बताया कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का ठगी का पैसा घूम रहा था, जो सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंच रहा था।

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 21 एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनसे UPI, पासवर्ड, बैंकिंग ऐप्स और अन्य फ्रॉड एप्लिकेशन नियंत्रित किए जा रहे थे। इन मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

इस कार्रवाई का आरंभ एक स्थानीय बैंक द्वारा संदिग्ध लेन-देन की गई रिपोर्ट से हुआ। रिपोर्ट मिलते ही नागौर पुलिस ने तकनीकी टीम को सक्रिय कर 72 घंटे तक लगातार गांव-स्तर तक गहन जांच और छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और पूरे इंटर-स्टेट साइबर म्यूल नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ गिरफ्तारी आधारित कार्रवाई नहीं है, बल्कि साइबर क्राइम के ‘म्यूल सप्लाई चेन’ पर सीधी चोट की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम है। इस तरह के खाते उपलब्ध करवाने वालों पर अब BNS 2023 के तहत कड़े प्रावधान लागू होंगे।

नागौर पुलिस ने युवाओं को चेतावनी दी है कि अपना बैंक खाता किसी को देना एक गंभीर अपराध है और इसका उपयोग बड़े साइबर फ्रॉड में किया जा सकता है। ऐसे मामलों में खाता मालिक भी कानूनी कार्रवाई से नहीं बच पाता।

एसपी कार्यालय ने बताया कि आने वाले 60 दिनों में नागौर को ‘साइबर म्यूल-फ्री जिला’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा और संदिग्ध खातों की पहचान पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ को नागौर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी सफलता माना जा रहा है। पुलिस टीम के तेज और सटीक एक्शन ने साइबर अपराधियों की कमर तोड़ दी है और जिले को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।

एडिटर// नितिन सिंह,19 नवंबर 2025

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