नागौर, 24 अगस्त।
नागौर जिले में लगातार हो रही बरसात और आने वाले दिनों में भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने आदेश जारी करते हुए जिले के समस्त राजकीय व गैर-राजकीय विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों के लिए 25 और 26 अगस्त 2025 को अवकाश घोषित किया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मौसम विभाग, राजस्थान जयपुर द्वारा जिले में दो दिन तक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं को इन दो दिनों तक पूर्णतः बंद रखना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारी वर्षा की स्थिति में बच्चों का विद्यालय आना-जाना उनके लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। न केवल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि बारिश के चलते जलभराव, नालों और छोटे नालों के उफान पर आने से भी विद्यार्थी परेशानी में पड़ सकते हैं। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए यह अवकाश घोषित किया है।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश की सख्ती से पालना करें। यदि कोई संस्था इस आदेश की अवहेलना करती पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर पुरोहित ने आमजन से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग सावधानी बरतें और बच्चों को बरसात के दिनों में नालों, जोहड़ों व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से नागौर जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार वर्षा हो रही है। कई कस्बों और गांवों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन साथ ही निचले इलाकों में रह रहे लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से की गई इस पहल का आमजन और अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस निर्णय से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बरसात के मौसम में बच्चों को अनावश्यक जोखिम से बचाया जा सकेगा।