नागौर, 8 जनवरी।
राज्य में लगातार जारी भीषण शीत लहर और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार नागौर जिले में संचालित सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा प्री-प्राइमरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और सर्द हवाओं के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 9 जनवरी 2026 एवं 10 जनवरी 2026 को कक्षा प्री-प्राइमरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण शैक्षणिक अवकाश रहेगा। वहीं कक्षा नौवीं एवं उससे ऊपर की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित की जाएंगी।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि
बीते कुछ दिनों से नागौर जिले सहित पूरे प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है, जिससे विशेष रूप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन का मानना है कि कम उम्र के बच्चों के लिए इस तरह की मौसम परिस्थितियां जोखिम भरी हो सकती हैं, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
संस्था प्रधानों को सख्त निर्देश
जिला कलेक्टर द्वारा सभी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि कोई भी विद्यालय यदि अवकाश संबंधी निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया, तो संबंधित संस्था प्रधान के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों में राहत, शिक्षकों से सहयोग की अपील
इस निर्णय से अभिभावकों में भी राहत देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा था। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को समझते हुए बच्चों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाएं।
आगे भी मौसम पर नजर
प्रशासन द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि शीत लहर का प्रभाव आगे भी जारी रहता है, तो आगामी दिनों में अवकाश को लेकर पुनः निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज नागौर, 8 जनवरी।
राज्य में लगातार जारी भीषण शीत लहर और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार नागौर जिले में संचालित सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा प्री-प्राइमरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और सर्द हवाओं के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 9 जनवरी 2026 एवं 10 जनवरी 2026 को कक्षा प्री-प्राइमरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण शैक्षणिक अवकाश रहेगा। वहीं कक्षा नौवीं एवं उससे ऊपर की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित की जाएंगी।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि
बीते कुछ दिनों से नागौर जिले सहित पूरे प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है, जिससे विशेष रूप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन का मानना है कि कम उम्र के बच्चों के लिए इस तरह की मौसम परिस्थितियां जोखिम भरी हो सकती हैं, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
संस्था प्रधानों को सख्त निर्देश
जिला कलेक्टर द्वारा सभी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि कोई भी विद्यालय यदि अवकाश संबंधी निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया, तो संबंधित संस्था प्रधान के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों में राहत, शिक्षकों से सहयोग की अपील
इस निर्णय से अभिभावकों में भी राहत देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा था। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को समझते हुए बच्चों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाएं।
आगे भी मौसम पर नजर
प्रशासन द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि शीत लहर का प्रभाव आगे भी जारी रहता है, तो आगामी दिनों में अवकाश को लेकर पुनः निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
