नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र में 24 जनवरी को पकड़ी गई करीब 9.55 टन विस्फोटक सामग्री के मामले में अब जांच तेज कर दी गई है। इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए जिला पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुलेमान खान को गिरफ्तार किया है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही लंबा रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले 10 वर्षों से अवैध विस्फोटक कारोबार से जुड़ा हुआ था और लगातार इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी घटना
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि पुलिस की सतर्कता और समय पर कार्रवाई के कारण इस बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सका। यदि यह विस्फोटक सामग्री गलत हाथों में पहुंच जाती, तो इससे गंभीर सुरक्षा खतरा उत्पन्न हो सकता था।
उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी से अवैध विस्फोटक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है और अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
कोर्ट ने दी 3 दिन की रिमांड
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLN) में भर्ती कराया गया था। हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के चलते जांच एजेंसियां उससे पूछताछ नहीं कर पा रही थीं।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद बुधवार को पुलिस ने आरोपी को डेगाना ACJM कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने 7 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने 3 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की।
अब इस दौरान पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी से गहन पूछताछ कर पूरे मामले की परतें खोलने का प्रयास करेंगी।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुलेमान खान के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2014 में थांवला थाने में दर्ज हुआ था, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद 2017 और 2020 में भी उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

लगातार अपराधों में संलिप्त रहने के कारण उसे शातिर अपराधी माना जा रहा है।
विस्फोटक की सप्लाई और उपयोग की जांच
एसआईटी और केंद्रीय एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां से मंगवाई गई और इसे किन लोगों या माइंस संचालकों को सप्लाई किया जाना था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस सामग्री का उपयोग अवैध खनन में किया जा रहा था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसके किसी और आपराधिक या आतंकी उपयोग से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए सभी एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
नागौर विस्फोटक मामला प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिस पर प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।
न्यूज डेस्क- नितिन सिंह
