संवाददाता/डी डी चारण / मेड़ता सिटी
महिलाओं के विरुद्ध लिंग आधारित हिंसा को रोकने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता सिटी द्वारा “नई चेतना 4.0” अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न्याय आपके द्वार अभियान के तहत मेड़ता सिटी के चौक का बास क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के अध्यक्ष अरुण कुमार बेरीवाल तथा सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं तथा हिंसा से संबंधित कानूनों की जानकारी प्रदान करना रहा।
शिविर में स्थायी लोक अदालत, मेड़ता के सदस्य एडवोकेट विमलेश व्यास ने “न्याय आपके द्वार” अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आमजन को बताया कि किस प्रकार जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों, समस्याओं और शिकायतों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सरल, त्वरित और कम खर्च में किया जा सकता है। उन्होंने बिजली, पानी, परिवहन, टेलीफोन सहित अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला।
वहीं “नई चेतना 4.0” अभियान के तहत लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य चन्द्र प्रकाश सोनी ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाली लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक भेदभाव जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को यह बताया कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या अन्याय की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता, टेली-लॉ सेवा, और अन्य सरकारी कानूनी सुविधाओं का लाभ कैसे उठा सकती हैं। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर निडरता से आगे आने का संदेश दिया।
इस विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन रैन बसेरा समिति के सदस्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के जितेन्द्र सैनी के सहयोग से किया गया। शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं ने कानूनी विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा में समाधान किया गया।
कार्यक्रम में कार्यालय सहायक (एल.ए.डी.सी.एस.) हस्तीमल सारस्वत, सह-सचिव मीरा महोत्सव समिति रविन्द्र गहलोत, संरक्षक मीरा महोत्सव समिति पन्ना लाल सांखला, अध्यक्ष चौक का बास कानाराम सांखला, रामप्यारी देवी, सरोज गहलोत, बुद्धि देवी, हेमलता गौड़, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सरिता टाक सहित अनेक गणमान्य नागरिक और महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने इस तरह के जागरूकता अभियानों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
