नोएडा (उत्तर प्रदेश)।
उत्तर प्रदेश के नोएडा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय एक युवती की उस समय मौत हो गई, जब उसके ही चचेरे भाई ने गर्भ ठहरने के बाद जबरन उसे गर्भपात की दवा खिला दी। दवा के दुष्प्रभाव से युवती की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने थाना सेक्टर-39 में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि युवती के अपने ही चचेरे भाई के साथ शारीरिक संबंध थे, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। जब यह बात सामने आई, तो आरोपी युवक ने समाज और परिवार में बदनामी के डर से युवती पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि इसी दबाव में आकर उसने युवती को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी।
दवा खाने के कुछ ही समय बाद युवती की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे तेज दर्द, चक्कर और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। परिजनों ने घबराकर 18 दिसंबर को उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताई और प्राथमिक उपचार के बाद युवती को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सफदरजंग अस्पताल में युवती कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार 23 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों के आरोपों और प्रारंभिक जांच के आधार पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी चचेरे भाई के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि युवती की मौत गर्भपात की दवा के दुष्प्रभाव से हुई या किसी अन्य कारण से। साथ ही आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आश्वासन दिया है कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में रिश्तों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
