थांवला (नागौर) / अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठजन दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कोड के अंतर्गत नृसिंह बासनी में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह अवसर और भी खास इसलिए बन गया क्योंकि गांव की जानी-मानी महिला नोरती देवी ने 101 वर्ष की आयु पूरी की है। इस मौके पर उन्हें ग्राम पंचायत और स्थानीय लोगों की ओर से सम्मानित किया गया।
समारोह का आयोजन ब्राह्मणों का मोहल्ला स्थित नोरती देवी के निवास स्थान पर हुआ। यहां पर ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने एकत्र होकर उन्हें पुष्पमाला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और शुभकामनाएं देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नृसिंह बासनी की प्रधानाचार्या आभा जैन, बूथ अधिकारी पूनाराम, सरपंच दौलतराम, पटवारी राकेश गुर्जर, भीवराज जांगिड़ और देवकरण उपाध्याय सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानाचार्या आभा जैन ने कहा कि “नोरती देवी का 101 वर्ष का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपने लंबे जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हमेशा धैर्य, संस्कार और सकारात्मकता को बनाए रखा। उनका यह जीवन हमारी भारतीय संस्कृति और मूल्यों का प्रतीक है।”
इसी तरह बूथ अधिकारी पूनाराम ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठजन दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह अवसर हमें हमारे बुजुर्गों का महत्व याद दिलाता है। नोरती देवी का सम्मान करना इस दिशा में एक सार्थक कदम है। समाज तभी प्रगति कर सकता है जब हम अपने बुजुर्गों को आदर दें और उनकी सीखों को जीवन में अपनाएं।”
सरपंच दौलतराम और पटवारी राकेश गुर्जर ने भी इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को चाहिए कि वह बुजुर्गों का सम्मान करे और उनकी सेवा में तत्पर रहे। “बुजुर्ग हमारे अनुभव और संस्कृति की जीवित पुस्तक होते हैं, जिनसे हमें जीवन जीने की राह मिलती है।”
ग्रामीणों ने भी नोरती देवी को शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। गांव के कई युवाओं ने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें अपने दादा-दादी और नाना-नानी की याद दिलाते हैं। नोरती देवी के सम्मान से उन्हें भी प्रेरणा मिली है कि बुजुर्गों की सेवा करना समाज और संस्कृति दोनों की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठजन दिवस हर वर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में बुजुर्गों के महत्व को रेखांकित करना और उनके प्रति सम्मान, देखभाल तथा आदर की भावना जगाना है।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नोरती देवी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की मंगलकामना की। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि बुजुर्गों का सम्मान ही समाज की वास्तविक पहचान है और हमें हमेशा उनकी सेवा और आशीर्वाद लेने का अवसर पाना चाहिए।
लुकमान शाह की रिपोर्ट/वीबीटी न्यूज
