पाकिस्तान ने भारत द्वारा पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया है। शहबाज शरीफ सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर टिप्पणी करने या सवाल उठाने का भारत को कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान ने इसे एक संप्रभु देश के आंतरिक और द्विपक्षीय मामलों में बेवजह दखलअंदाजी करार दिया है।
पाकिस्तानी मीडिया में विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बांग्लादेश द्वारा JF-17 Thunder लड़ाकू विमान की संभावित खरीद को लेकर भारत की ओर से की गई टिप्पणियां पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। पाकिस्तान का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल गलत हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से भी अनुचित हैं।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद और ढाका के बीच रक्षा, कंस्ट्रक्शन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पूरी तरह द्विपक्षीय और संप्रभु मामला है। इसके लिए किसी तीसरे देश की मंजूरी या सहमति की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान और Bangladesh के संबंधों की प्रकृति और दायरे पर टिप्पणी करने का भारत को कोई नैतिक या कूटनीतिक अधिकार नहीं है।
दरअसल, यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने हाल ही में कहा था कि नई दिल्ली, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच जेएफ-17 थंडर फाइटर एयरक्राफ्ट की संभावित डील पर करीबी नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही उन्होंने 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानों के दोबारा शुरू होने पर भी टिप्पणी की थी और भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग को लेकर मौजूदा व्यवस्थाओं का हवाला दिया था।
पाकिस्तान ने भारत की इन टिप्पणियों को अनावश्यक बताते हुए कहा कि यह दो संप्रभु देशों के बीच चल रही बातचीत और सहयोग में हस्तक्षेप जैसा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि क्षेत्रीय सहयोग को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान एयर फोर्स के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और बांग्लादेश एयर फोर्स के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान के बीच एक अहम बैठक हुई थी। इसके बाद पाकिस्तानी मीडिया में यह अटकलें तेज हो गई थीं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर सकता है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश वायुसेना के पास फिलहाल आधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी है और वह अपने बेड़े को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसी क्रम में वह यूरोफाइटर टायफून जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में संतुलित रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है और इस प्रक्रिया में किसी तीसरे देश की आपत्तियों को महत्व नहीं दिया जाएगा।
नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज
दिनांक: 12 जनवरी 2026
