नागौर। ग्राम पीह में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पीलवा पुलिस ने वारदात में नामजद आरोपी फिरोज अली पुत्र शकुर मोहम्मद देशवाली की मुख्य बाजार में परेड कराई, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा। इस कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी एसपी विक्की नागपाल और एसएचओ महीराम बिश्नोई ने किया। पुलिस ने एक नाबालिग को भी डिटेन किया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह परेड आमजन में भरोसा जगाने और असामाजिक तत्वों में भय पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। एसएचओ महीराम बिश्नोई ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और आसूचना तंत्र के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया। शेष तीन आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 324(4), 196(1), 298 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
नई प्रतिमा जल्द लगेगी, तैयारी पूरी—संघर्ष समिति
अंबेडकर स्मारक स्थल पर चले धरने के दौरान प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता में यह सहमति बनी कि दो दिनों के भीतर नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संघर्ष समिति के महेश काला ने बताया कि जयपुर के एक प्रसिद्ध कलाकार द्वारा तैयार की गई नई प्रतिमा का अनावरण जल्द किया जाएगा। धरना समिति ने आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया।
एससी आयोग अध्यक्ष ने रात में पहुंचकर लिया घटनास्थल का जायजा
मामले को गंभीरता से लेते हुए एससी आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र नायक देर रात पीह पहुंचे और प्रतिमा खंडित किए जाने वाली जगह का निरीक्षण किया। उन्होंने सर्व समाज की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर सिर्फ एक समुदाय के नेता नहीं, बल्कि पूरे समाज के ज्ञान-स्तंभ हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाओं का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।

सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने आयोग अध्यक्ष को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और सभी आरोपियों की परेड कराने की मांग रखी। इस पर नायक ने मौके पर ही एसपी ऋचा तोमर को फोन कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान जिला महामंत्री नवनील गौड़, मण्डल अध्यक्ष अमित आसोपा, एएसपी नेमीचंद खारिया, डिप्टी एसपी विक्की नागपाल तथा बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
कैसे हुआ विवाद?
घटना सोमवार रात करीब 11:20 बजे की है जब असामाजिक तत्वों ने पीह में लगी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर बड़ा पत्थर फेंककर उसे खंडित कर दिया। आरोपियों ने प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने के बाद टूटा हुआ सिर भी साथ ले गए। सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ी तो आक्रोश फैल गया और लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अंबेडकर सर्किल के पास लगे एक घर के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की। नागौर और अजमेर जिले से अनेक सामाजिक संगठन पीह पहुंचे और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/03 दिसंबर 2025
रिपोर्ट/जुगल दायमा/हरसौर
