मेड़ता सिटी | संवाददाता: डी.डी. चारण
अखिल भारतीय पेंशनर समाज एवं राजस्थान पेंशनर समाज के संयुक्त राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत बुधवार को मेड़ता सिटी में पेंशनरों ने एकजुटता का परिचय देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राजस्थान पेंशनर समाज उपशाखा मेड़ता सिटी द्वारा प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में पेंशनर समाज को विभाजित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा गत वर्ष लोकसभा में पारित किए गए विधेयक का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। पेंशनरों ने इस विधेयक को समाज के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि यह कानून पेंशनरों की एकता को कमजोर करने वाला है और उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पेंशनरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। सभी पेंशनर रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। हालांकि उपखंड अधिकारी के आवश्यक बैठक में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन उनके निजी सहायक मनीष भाटी को सौंपा गया।
पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पेंशनरों के हितों की रक्षा करते हुए विवादित विधेयक को निरस्त किया जाए।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष मोहनलाल जाखड़, सचिव हरिराम मातवा, झूमरराम, मदनलाल बालोटिया, शिवदान मेघ, रामनारायण चौधरी, त्रिलोक चंद कडेला, रतनलाल थानवी, श्याम सुंदर पाराशर, बगदाराम बारूपाल, पेमाराम जाखड़, रामदेव, रामपाल कडेला, हनुमान राम, जगदीश जावा, लिखमाराम लांच, फतेहराज भाटी, सोहनलाल विशनोई, हनुमान दुगस्तावा, जोराराम विशनोई, रामेश्वर लाल सैन सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें पेंशनरों की एकता और संगठन की मजबूती स्पष्ट रूप से देखने को मिली। यह विरोध प्रदर्शन पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
– नितिन सिंह
