नौनिहालों ने गटकी दो बूंद ज़िंदगी की | खींवसर में पल्स पोलियो अभियान 2025 की शुरुआत
नागौर। पूरे देश में बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पल्स पोलियो अभियान 2025 की शुरुआत बुधवार को राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा की गई। मंत्री ने खींवसर स्थित राजकीय जिला अस्पताल पहुंचकर नवजात शिशुओं से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाते हुए अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान अस्पताल परिसर में स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों और आमजन की उपस्थिति ने जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया।

मंत्री गजेंद्र सिंह ने खुराक पिलाने के बाद कहा कि पल्स पोलियो अभियान भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए हर वर्ष इस अभियान का सफल संचालन बेहद आवश्यक है। “एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे”—यह राज्य सरकार का संकल्प है, जिसे जनसहभागिता के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बूथ पर अवश्य लाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा छूट न जाए, क्योंकि एक भी चूक समाज के लिए जोखिम बन सकती है।
अपने संबोधन में मंत्री ने चिकित्सा विभाग, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीमों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि “आप सभी का सेवाभाव और समर्पण ही सुरक्षित व स्वस्थ राजस्थान की मजबूत नींव तैयार करता है।” साथ ही उन्होंने बाल स्वास्थ्य सुरक्षा और जन-जागरूकता को भविष्य की प्राथमिकता बताया।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिले के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा, अतिरिक्त मुख्य जिला एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीशराम चौधरी, राजकीय जिला अस्पताल खींवसर के पीएमओ डॉ. रामजीत टाक, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीफल मीणा, एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक जीवन पाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. सुमित कुमार, तथा सीएमएचओ कार्यालय नागौर से कालूराम गोदारा सहित पैरामेडिकल टीम और ग्रामीण-शहरी क्षेत्र से आए अभिभावक भी उपस्थित रहे।
अधिकारी वर्ग ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे अभियान के दौरान विशेष टीमें घर-घर पहुँचकर उन बच्चों को भी दवा पिलाएँगी, जो बूथ पर आने से छूट जाते हैं। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर भी मोबाइल टीमें सक्रिय रहेंगी, ताकि अभियान को शत-प्रतिशत सफलता मिल सके। बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने विस्तृत माइक्रो-प्लान तैयार किया है, जिसमें निगरानी और फॉलोअप की व्यवस्था भी शामिल है।
पल्स पोलियो अभियान 2025 न केवल बच्चों के जीवन की सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह जागरूक समाज और जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम भी है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास तब सफल होंगे, जब हर परिवार आगे बढ़कर इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। दो बूंद की यह छोटी-सी खुराक नौनिहालों के स्वस्थ भविष्य की बड़ी गारंटी है।
