February 11, 2026
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जयपुर, 11 फरवरी।
राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इसे प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को साकार करते हुए ‘विकसित राजस्थान 2047’ के विजन को मजबूती प्रदान करेगा।
कृषि मंत्री ने बताया कि यह बजट विशेष रूप से युवाओं, किसानों, महिलाओं, पशुपालकों और ग्रामीण समुदाय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना, कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाना और अन्नदाता की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।
कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जानकारी दी कि इस वर्ष कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बजट में आधुनिक कृषि तकनीकों, क्षमता विकास, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
सूक्ष्म सिंचाई को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
प्रदेश में जल संरक्षण और कुशल सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वर्ष 2030 तक सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 51 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
आगामी वर्ष लगभग 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र लगाए जाएंगे, जिस पर करीब 1,340 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे लगभग 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
इसके साथ ही 50 हजार सोलर पंप संयंत्रों की स्थापना पर 1,500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिससे किसानों को सस्ती और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध होगी।
ग्रीन हाउस और आधुनिक खेती को प्रोत्साहन
उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये के अनुदान से 4 हजार किसानों के खेतों पर—
ग्रीन हाउस
पाली हाउस
शेड नेट
लो टनल
प्लास्टिक मल्च
जैसी संरचनाएं स्थापित की जाएंगी।
उद्यानिकी विकास के तहत औषधीय पौधों, मसाला फसलों, फूलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कृषि यंत्रीकरण और कस्टम हायरिंग सेंटर
कृषि कार्यों को आसान और कम लागत वाला बनाने के लिए सरकार ने कृषि यंत्रीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।
160 करोड़ रुपये के अनुदान से 50 हजार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र दिए जाएंगे।
पावर टिलर, डिस्क प्लाऊ, कल्टीवेटर, हैरो और रीपर जैसे यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
96 करोड़ रुपये की लागत से 500 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से छोटे और सीमांत किसान किराए पर मशीनें लेकर खेती कर सकेंगे।
जल संरक्षण और फार्म पॉन्ड निर्माण
वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
8 हजार डिग्गियां
15 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन
36 हजार फार्म पॉन्ड
का निर्माण किया जाएगा।
इसके लिए 585 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया जाएगा, जिससे 80 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
फसलों की सुरक्षा के लिए तारबंदी योजना
नीलगाय, जंगली जानवरों और निराश्रित पशुओं से फसलों को बचाने के लिए सरकार ने तारबंदी योजना को और मजबूत किया है।
50 हजार किसानों को 20 हजार किलोमीटर तारबंदी के लिए 228 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा।
सामुदायिक तारबंदी में किसानों की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 कर दी गई है।
इससे अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता
प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर पहल की है।
70 हजार प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
135 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन, सरसों और अरंडी जैसी फसलों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
हर पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रथम चरण में—
5 हजार से अधिक आबादी वाली 3,496 ग्राम पंचायतों में इकाइयां लगाई जाएंगी।
आगामी वर्ष 2,098 पंचायतों में लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से इकाइयां स्थापित होंगी।
इससे किसानों को जैविक खाद आसानी से उपलब्ध होगी और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा।
डिजिटल कृषि मिशन और ‘राज एम्स’
डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘राज एम्स’ (राजस्थान एग्रीकल्चर इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम) विकसित किया जाएगा।
इस पर 77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके माध्यम से—
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
मशीन लर्निंग
रिमोट सेंसिंग
सैटेलाइट इमेजरी
का उपयोग कर किसानों को मौसम आधारित बुवाई, फसल स्वास्थ्य निगरानी और जलवायु जोखिम प्रबंधन की सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के लिए नए अवसर
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल किसानों बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा। कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रोसेसिंग यूनिट और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा, वहीं युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों में प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।
विकसित राजस्थान की ओर मजबूत कदम
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विश्वास जताया कि यह बजट युवाओं को अवसर, महिलाओं को सशक्तिकरण, किसानों को समृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों को नई विकास दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट राजस्थान को ‘विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा और आने वाले वर्षों में प्रदेश कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।

नितिन सिंह 

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