जयपुर | 17 मार्च, 2026
राजस्थान की शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी जा चुकी है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे और शिक्षक केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे। मंगलवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस नई राह का खाका पेश किया।

🚀 शिक्षा में एआई: बुनियादी सुधार की नई किरण
‘राजस्थान की शिक्षा में एआई की भूमिका’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि एआई का सही इस्तेमाल हमारी बुनियादी शिक्षा पद्धति (Foundational Education) को नई मजबूती देगा।
मुख्य सचिव के संबोधन के मुख्य बिंदु:
निर्णय प्रक्रिया में सुधार: एआई डेटा के आधार पर बेहतर शैक्षणिक निर्णय लेने में मदद करेगा।
सीखने की क्षमता: बच्चों के सीखने के नतीजों (Learning Outcomes) को बेहतर बनाने के लिए एआई एक प्रभावी मंच है।
जवाबदेही और भागीदारी: यह तकनीक न केवल शिक्षकों को सशक्त बनाएगी, बल्कि कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी।
“राजस्थान ऐसे नवाचारों के लिए प्रतिबद्ध है जो टेक्नोलॉजी, शिक्षण विधियों और सरकारी नीतियों को एक सूत्र में पिरोकर शिक्षा को जवाबदेह बनाए।” — श्री वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव
💡 सिर्फ उत्तर नहीं, सही प्रश्न पूछना सीखेंगे छात्र
स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने कार्यक्रम में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल बच्चों को उत्तर देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘सही प्रश्न पूछने’ के काबिल बनाना होना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि:
सरकारी स्कूलों में बुनियादी साक्षरता और अंकज्ञान (FLN) को बेहतर बनाने में एआई एक सहायक की भूमिका निभाएगा।
तकनीक को इस तरह डिजाइन किया जाए कि वह शिक्षकों और विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करे।
शिक्षकों को भी इस नई तकनीक में दक्ष होना होगा ताकि वे बच्चों को सही दिशा दिखा सकें।
🛠️ पैनल चर्चा: संभावनाओं पर मंथन
इस कार्यक्रम में संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से एआई की उपयोगिता पर गहन चर्चा हुई। समग्र शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए:
श्री आकाशदीप (उपायुक्त): उन्होंने एआई आधारित शिक्षा को ‘मुख्यधारा’ (Mainstream) से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री संतोष कुमार मीना (उपायुक्त): उन्होंने शिक्षा में एआई के बढ़ते प्रभाव और इसकी दैनिक उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की।
📈 निष्कर्ष: डिजिटल राजस्थान की ओर एक बड़ा कदम
राजस्थान सरकार का यह कदम शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। जब सरकारी स्कूलों का एक आम छात्र एआई टूल्स का उपयोग करना सीखेगा, तो वह निजी स्कूलों के छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो सकेगा।
क्या है भविष्य की तैयारी?
राजस्थान सरकार अब ऐसी नीतियां बना रही है जहाँ तकनीक केवल एक गैजेट नहीं, बल्कि सीखने का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाए। आने वाले समय में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘स्मार्ट लर्निंग’ का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
