राजस्थान को समुद्री कनेक्टिविटी: जालोर में बनेगा इनलैंड पोर्ट
जयपुर, 18 नवंबर 2025। राजस्थान अब औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रहा है। मरु प्रदेश जल्द ही समुद्र से जुड़ने वाला पहला इनलैंड पोर्ट प्राप्त करने की ओर बढ़ रहा है। जालोर जिले को कच्छ की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के प्रयासों से यह योजना राजस्थान के लिए औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय लिखने जा रही है।
इनलैंड पोर्ट से खुलेगा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का द्वार
राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच हुए एमओयू के बाद परियोजना की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत गुजरात और राजस्थान में व्यापक ड्रेजिंग कार्य कर जालोर तक जलमार्ग का निर्माण होगा। यह मार्ग 262 किलोमीटर लंबा होगा और इसे राष्ट्रीय जलमार्ग-48 के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कांडला पोर्ट से होगी सीधी कनेक्टिविटी
परियोजना के पूरा होने के बाद जालोर सीधे कांडला पोर्ट से जुड़ जाएगा। यह कनेक्टिविटी राजस्थान को समुद्री व्यापार के लिए सीधा मार्ग प्रदान करेगी। अभी विभिन्न मार्गों का सर्वे किया जा रहा है, जिनमें भावतरा–नवलखी–कांडला क्रिक मार्ग प्रमुख है।
इस पूरे जलमार्ग निर्माण में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है।
आईआईटी मद्रास कर रहा विस्तृत सर्वे
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि जलमार्ग की डीपीआर तैयार करने के लिए आईआईटी मद्रास, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग मिलकर सर्वे कर रहे हैं। इसमें वर्षभर जल उपलब्धता, भूमि आवश्यकताएँ, लागत और पर्यावरणीय पहलुओं का गहन अध्ययन शामिल है। फील्ड सर्वे के लिए विशेषज्ञ जल्द ही राजस्थान पहुंचेंगे।
जालोर बनेगा बड़ा लॉजिस्टिक हब
जालोर-बाड़मेर क्षेत्र पहले ही कपड़ा, पत्थर, कृषि उत्पाद, दालें, बाजरा और ऑयलशीड जैसे बड़े व्यापार का केंद्र रहा है। इसके अलावा रिफाइनरी परियोजना भी नजदीक है।
समुद्री कनेक्टिविटी मिलने से—
- भारी माल ढुलाई आसान होगी
- सड़क और रेल नेटवर्क का भार कम होगा
- उद्योगों की स्थापना तेज होगी
- लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा
इससे जालोर क्षेत्र एक बड़े इंडस्ट्रियल पावर कॉरिडोर के रूप में उभरने की संभावना है।
50 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार इस जलमार्ग और इनलैंड पोर्ट से 50 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
निवेशकों की नजर भी अब राजस्थान पर टिक गई है, क्योंकि समुद्री मार्ग आने से प्रदेश का औद्योगिक भविष्य और मजबूत होगा।
इंडिया मैरीटाइम वीक-2025 में हुआ एमओयू
28 अक्टूबर 2025 को मुंबई में आयोजित इंडिया मैरीटाइम वीक में राजस्थान सरकार और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच औपचारिक एमओयू हुआ, जिसने इस परियोजना को औद्योगिक विकास की प्राथमिकता में शीर्ष स्थान दिला दिया।
“संकल्प से सिद्धि” की ओर बढ़ता राजस्थान
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच और मजबूत औद्योगिक नीति के चलते यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र और राज्य के बीच लगातार समन्वय से निगरानी और कार्यवाही तीव्र गति से चल रही है।
उन्होंने कहा—“यह परियोजना राजस्थान को समुद्री राज्यों की श्रेणी में लाकर व्यापार, विकास और रोजगार के नए द्वार खोलेगी।”
एडिटर/नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/18 नवंबर 2025
