Jaipur | School Winter Vacation 2025–26
Rajasthan Winter Vacation को लेकर बच्चों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से राज्यभर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश के स्कूलों में 25 दिसंबर 2025 से शीतकालीन अवकाश शुरू हो चुका है, जो 5 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 12 दिनों का विंटर वेकेशन मिलेगा।
राजस्थान बोर्ड के अनुसार, सर्दियों की छुट्टियों के बाद स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र 6 जनवरी 2026 से पुनः नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ रही ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों की सेहत पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच लिया गया फैसला
राजस्थान में इन दिनों सर्दी अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है। सुबह और देर रात कड़ाके की ठंड के चलते खासकर छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में शिक्षा विभाग ने एहतियातन यह कदम उठाते हुए शीतकालीन अवकाश घोषित किया।
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। ठंड के मौसम में बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, विशेषकर सर्दी, खांसी, फ्लू और निमोनिया जैसी समस्याएं बच्चों को जल्दी प्रभावित करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों का निर्णय लिया गया।
बच्चों और पेरेंट्स के लिए राहत की खबर
सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा के बाद न सिर्फ बच्चों बल्कि अभिभावकों के चेहरे पर भी राहत दिखाई दे रही है। सुबह-सुबह घने कोहरे और ठिठुरन में बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन गया था। कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम हो जाने के कारण सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया था।
12 दिनों के इस शीतकालीन अवकाश के दौरान बच्चे आराम के साथ-साथ परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। कई परिवार इस दौरान रिश्तेदारों से मिलने या सर्दियों की छुट्टियों में घूमने-फिरने की योजना भी बना सकते हैं। वहीं छोटे बच्चे ठंड से सुरक्षित रहते हुए घर पर रहकर पढ़ाई और मनोरंजन दोनों कर पाएंगे।
अधिकांश स्कूलों में सिलेबस अधूरा, बढ़ेगा पढ़ाई का दबाव
हालांकि सर्दियों की छुट्टियों से जहां राहत मिली है, वहीं इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं अपेक्षाकृत जल्दी आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा अर्धवार्षिक परीक्षाएं भी दिसंबर के बजाय नवंबर महीने में करवाई गई थीं।
इस कारण प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में अभी तक पूरा सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षकों के सामने छुट्टियों के बाद कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करने की चुनौती होगी। वहीं छात्रों को भी छुट्टियों के बाद तेजी से पढ़ाई की रफ्तार पकड़नी होगी, ताकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी समय पर पूरी की जा सके।
शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूल छुट्टियों के बाद अतिरिक्त क्लास, रिवीजन सेशन और टेस्ट सीरीज का सहारा ले सकते हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राजस्थान में ठंड का बढ़ता असर
प्रदेश में सर्दी का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटों में जैसलमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में घना कोहरा देखने को मिला है। कई जगहों पर दृश्यता इतनी कम रही कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
ठंडी हवाओं और गिरते न्यूनतम तापमान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखी जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे शीतलहर का असर और तेज हो सकता है।
अन्य राज्यों में भी शीतकालीन अवकाश
Delhi School Closed
दिल्ली में भी ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी में मौसम विभाग द्वारा जारी कोल्ड वेव अलर्ट के बीच अकैडमिक कैलेंडर के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक सर्दियों की छुट्टियां निर्धारित की गई हैं। हालांकि मौसम की स्थिति को देखते हुए छुट्टियों की अवधि आगे बढ़ाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
Bihar Winter Vacation
बिहार में भी शीतलहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पटना जिला प्रशासन के आदेशानुसार कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 26 दिसंबर तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं 9वीं से ऊपर की कक्षाओं के लिए स्कूल संचालन के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चे ठंड से सुरक्षित रह सकें।
छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता
देश के कई राज्यों में बढ़ती ठंड को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए शीतकालीन अवकाश घोषित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
राजस्थान सरकार का यह फैसला बच्चों और अभिभावकों दोनों के हित में माना जा रहा है। समय रहते लिया गया यह निर्णय न केवल बच्चों को ठंड से बचाएगा, बल्कि अभिभावकों की चिंताओं को भी कम करेगा।
