संवाददाता/डीडी चारण
मेड़ता सिटी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेड़ता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता शिविर एवं न्याय आपके द्वार अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक अधिकारों में समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी लिंग आधारित भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुरीतियाँ मौजूद हैं, जिन्हें समाप्त करने के लिए जागरूकता बेहद आवश्यक है।
स्वाति शर्मा ने कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है। इसके लिए समाज को अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाना होगा, ताकि बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिल सकें।
शिविर में स्थायी लोक अदालत के सदस्य विमलेश व्यास ने “एक उज्ज्वल भविष्य के लिए बालिकाओं को सशक्त बनाना” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक विधिक अधिकार बालिकाओं को प्राप्त हैं, जिनकी जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने न्याय आपके द्वार अभियान के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सेवाओं की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रणजीत, ओमप्रकाश, टीना हनुमानराम, धर्मेन्द्र आर्य, तेजपाल, मनीषा डिडेल, प्रज्ञा पारीक, फरीद खान, नूपुर वर्मा, सुशीला, रेखा जोशी, संतोष दाधीच, संजय तंवर, रामगोपाल सहित बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शपथ दिलाई गई।
न्यूज डेस्क/ नितिन सिंह
