नागौर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोर स्वास्थ्य एवं वैलनेस को लेकर विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए गए इस दिवस को किशोर स्वास्थ्य एवं वैलनेस दिवस के रूप में मनाया गया, जिसके तहत जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता रैली, संगोष्ठी एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि किशोरों को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय युवा दिवस पर यह विशेष आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आज का जागरूक किशोर ही आने वाले समय का सशक्त नागरिक बनेगा।

जिला मुख्यालय पर रतन बहन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से किशोरी बालिकाओं की जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण व विद्यालय की प्रधानाचार्य संतोष चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में किशोर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े संदेश दिए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा भारत स्काउट गाइड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस रैली का उद्देश्य किशोरियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आत्मनिर्भर बनने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का रहा। रैली राजकीय पुराना अस्पताल स्थित जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई, जहां किशोर स्वास्थ्य पर संवाद, मार्गदर्शन एवं संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समापन अवसर पर भारत स्काउट गाइड की सीओ ज्योति महात्मा, सचिव इंदिरा बिश्नोई तथा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. शुभकरण धोलिया ने विद्यालय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। रैली में आआई कोऑर्डिनेटर जाकिर खान, ईश्वर सिंह शेखावत, राकेश मेघवाल सहित विद्यालय के व्याख्याता, स्टाफ एवं जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।
नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी छात्राओं को बताए किशोर स्वास्थ्य से जुड़े पहलू
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में किशोर स्वास्थ्य एवं वैलनेस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा तथा उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिए।
डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि “किशोरावस्था जीवन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान सही मार्गदर्शन, संतुलित पोषण और मानसिक सहयोग मिलने से किशोर न केवल स्वस्थ रहते हैं बल्कि समाज की सकारात्मक शक्ति बनते हैं। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम इसी उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।”
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने अपने वक्तव्य में कहा कि “किशोर स्वास्थ्य केवल बीमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास, नशा मुक्ति, स्वच्छता और सकारात्मक सोच भी शामिल है। नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी छात्राएं भविष्य में समुदाय तक इन संदेशों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्जवल तथा एएनएमटीसी के आचार्य बालमुकुंद भाटी ने भी किशोर स्वास्थ्य के सामाजिक एवं व्यवहारिक पहलुओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थी छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई और विषय से संबंधित प्रश्न पूछे।
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम किशोरों को जागरूक, सशक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
