रियांबड़ी में हनुमान बेनीवाल की किसान स्वाभिमान रैली ।
रियांबड़ी (नागौर)।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय पर बजरी माफिया के खिलाफ चल रहे धरने के आठवें दिन आयोजित किसान स्वाभिमान रैली को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भजनलाल सरकार बजरी माफिया को संरक्षण दे रही है और प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है।

अपने संबोधन में बेनीवाल ने कहा कि रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र में वैध खनन की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी कारोबार फल-फूल रहा है। इसमें भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं के साथ-साथ ब्यूरोक्रेसी और पुलिस के अधिकारियों की मिलीभगत शामिल है। उन्होंने दावा किया कि रात के अंधेरे में अवैध बजरी परिवहन खुलेआम होता है, जिससे नदियों का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ रहा है।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि सरकार की उदासीनता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। अवैध खनन के कारण बजरी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर बनाना या मरम्मत कराना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार को प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं जैतारण के पूर्व विधायक दिलीप चौधरी ने जनसमूह से जोशीले नारों के साथ माहौल को गर्माया। उन्होंने “36 कौम का नारा है, जन-जन का नारा है, हनुमान बेनीवाल हमारा है” का नारा लगवाया और कार्यकर्ताओं से पंचायत राज चुनाव में पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया। चौधरी ने कहा कि बेनीवाल 36 कौम के नेता हैं और आरएलपी जो ठान लेती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है।
मेड़ता की पूर्व विधायक इंद्रादेवी बावरी ने भी मंच से सरकार और खींवसर विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि आरएलपी ने हमेशा किसानों के हक और न्याय की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले खींवसर का नाम प्रदेश में सम्मान से लिया जाता था, लेकिन आज हालात बदल गए हैं।
रैली में रियांबड़ी और मेड़ता उपखंड सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में महिलाएं और पुरुष पांडाल में डटे रहे। सांसद बेनीवाल ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो जिला कलेक्टर कार्यालय का रात्रिकालीन घेराव किया जाएगा।
कुल मिलाकर, रियांबड़ी की किसान स्वाभिमान रैली ने बजरी माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा जनआक्रोश प्रदर्शित किया, जिसने सरकार और प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
Post Views: 13
