रियाँबड़ी, संवाददाता / नितिन सिंह
रियांबड़ी तहसील कार्यालय सभागार में होली के पावन अवसर पर शुक्रवार को स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र के विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग, उमंग और आपसी सौहार्द से भरपूर इस आयोजन में सभी ने मिलकर होली के त्योहार की खुशियां साझा कीं। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में होली के पारंपरिक रंगों के साथ-साथ संगीत और नृत्य का भी विशेष आकर्षण देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरे सभागार में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और उपस्थित लोगों ने हंसी-मजाक, गीत-संगीत और नृत्य के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।

स्नेह मिलन समारोह के दौरान एक खास पल उस समय आया जब उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सूर्यकांत शर्मा का जन्मदिन भी मनाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने केक काटकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान एसडीएम सूर्यकांत शर्मा ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रशासनिक परिवार के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाते हैं तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम में तहसीलदार अशोक कुमार मेघवाल, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मेन्द्र, विकास अधिकारी (बीडीओ) भंवरलाल सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक साथ बैठकर होली के इस पारंपरिक पर्व की खुशियां मनाईं।
समारोह के दौरान डीजे की धुनों पर कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमकर नृत्य भी किया। सीडीपीओ डालूराम, एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, बार संघ के सदस्य तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी होली के रंग में सराबोर नजर आए। संगीत और नृत्य के बीच पूरे माहौल में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि होली जैसे त्योहार समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों से सरकारी कर्मचारियों के बीच भी आपसी तालमेल और सहयोग की भावना मजबूत होती है, जिससे कार्यक्षमता में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रियांबड़ी तहसील कार्यालय में आयोजित यह होली स्नेह मिलन कार्यक्रम प्रशासनिक परिवार के लिए यादगार बन गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव का अवसर ही नहीं होते, बल्कि लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं।
