नागौर, 12 नवम्बर।
राजस्थान में पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। “SAANS” (Social Awareness and Actions to Neutralize Pneumonia Successfully) नामक यह विशेष अभियान 12 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा।
मुख्य उद्देश्य: बच्चों की जान बचाना और जागरूकता बढ़ाना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पाँच वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। यह पहल राज्य सरकार की “संपूर्ण बाल स्वास्थ्य” नीति का हिस्सा है, जो हर बच्चे के स्वस्थ जीवन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर, प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, और मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव के निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है।
‘PPT’ — अभियान का मूल संदेश
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि ‘सांस’ अभियान का प्रमुख संदेश “PPT – Prevent, Protect and Treat” (रोकथाम, सुरक्षा एवं उपचार) पर आधारित है।
1️⃣ रोकथाम (Prevent)
बच्चों को ठंड, धूल और घर के अंदर के प्रदूषण से बचाना, साथ ही सभी जरूरी टीकाकरण समय पर करवाना।
2️⃣ सुरक्षा (Protect)
जन्म से छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध पिलाना, और संतुलित पोषण देना ताकि उसकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
3️⃣ उपचार (Treat)
यदि बच्चे में निमोनिया के लक्षण दिखाई दें, तो 24 घंटे के भीतर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय सलाह लें। आवश्यकता पड़ने पर अमोक्सिसिलिन दवा दी जाएगी, ताकि संक्रमण को शुरुआती अवस्था में ही रोका जा सके।
ग्रामीण स्तर तक पहुंचेंगे जागरूकता अभियान
डॉ. वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान पूरे जिले में जनजागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण सत्र, गृह भ्रमण और समुदाय स्तर की गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को SPO2 (ऑक्सीजन स्तर) मापने, निमोनिया के शुरुआती लक्षण पहचानने और बच्चों को समय पर इलाज दिलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
समय पर उपचार से बचाई जा सकती हैं कीमती ज़िंदगियाँ
चिकित्सकों का कहना है कि यदि निमोनिया का उपचार समय पर कर लिया जाए, तो बच्चों की जान आसानी से बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है ताकि राज्य के हर घर तक निमोनिया के प्रति जागरूकता का संदेश पहुँचे।
स्वस्थ बचपन – सशक्त राजस्थान
“सांस” अभियान न सिर्फ़ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि यह राज्य के हर बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
🩺 मुख्य संदेश:
👉 ठंड और धूल से बच्चों को बचाएं
👉 समय पर टीकाकरण करवाएं
👉 केवल माँ का दूध पिलाएं
👉 निमोनिया के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
एडिटर/नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज / 11 नवंबर 2025
