जयपुर, 01 नवम्बर 2025। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार राज्य को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में अग्रसर बना रही है। सरकार के निरंतर प्रयासों से सहकारिता आंदोलन को नया आयाम मिल रहा है। हाल ही में संपन्न ‘सहकार सदस्यता अभियान’ ने इस दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
8.90 लाख नए सदस्य — लक्ष्य से 21% अधिक उपलब्धि
राज्य में अक्टूबर माह में चलाए गए अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ना था। 2 से 15 अक्टूबर तक चले इस अभियान को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने पर 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया।
राज्यभर में लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविरों का आयोजन किया गया।
इन शिविरों के माध्यम से 8.90 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए गए, जो निर्धारित 7.34 लाख लक्ष्य से लगभग 21.25% अधिक है।
संभागवार उपलब्धियां
अभियान के दौरान हर संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया —
- जयपुर संभाग: लक्ष्य 1.25 लाख, उपलब्धि 2.03 लाख सदस्य
- उदयपुर संभाग: लक्ष्य 1.01 लाख, उपलब्धि 1.30 लाख सदस्य
- अजमेर संभाग: लक्ष्य 1.15 लाख, उपलब्धि 1.22 लाख सदस्य
- बीकानेर संभाग: लक्ष्य 99 हजार, उपलब्धि 1.19 लाख सदस्य
- कोटा संभाग: लक्ष्य 53 हजार, उपलब्धि 68 हजार सदस्य
- भरतपुर संभाग: लक्ष्य 74 हजार, उपलब्धि 95 हजार सदस्य
- जोधपुर संभाग: 1.53 लाख नए सदस्य
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हर क्षेत्र ने सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा दी है।
ग्राम पंचायतों में पैक्स गठन और गोदाम निर्माण की दिशा में प्रगति
राज्यभर की 1,706 ग्राम पंचायतों में पैक्स गठन हेतु सर्वे पूर्ण किया गया है।
इसके साथ ही 1,296 पैक्स के लिए जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं और 1,275 नए पैक्स गठन प्रस्ताव विभाग को भेजे गए।
भूमिविहीन या अपर्याप्त भूमि वाली 1,342 सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि का चिन्हीकरण किया गया, जबकि 1,215 समितियों ने भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया है।
इस पहल से ग्रामीण स्तर पर भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों को मिला प्रत्यक्ष लाभ
अभियान के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कुल 38,850 किसानों की आधार सीडिंग और 27,640 किसानों की ई-केवाईसी पूरी की गई।
साथ ही 11 लाख से अधिक लोगों को प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई।
महिलाओं और युवाओं की सशक्त भागीदारी
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि इसमें महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई।
इनकी भागीदारी से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता का नेटवर्क और अधिक सशक्त हुआ है, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित होगी।
राज्य में सहकार आंदोलन को नई ऊंचाई
‘सहकार सदस्यता अभियान’ न केवल सदस्यता बढ़ाने की पहल थी, बल्कि यह राज्य की आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
राज्य सरकार अब अभियान के बाद भी फॉलो-अप एक्शन लेकर इन कार्यों को स्थायी स्वरूप देने में जुटी है, जिससे ‘सहकार से समृद्धि’ का लक्ष्य साकार हो सके।
लेखक: नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज
