नागौर, 26 सितंबर 2025।
जिला मुख्यालय नागौर में सहकारी बैंक की साधारण सभा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में बैंक के कुल 142 सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। सभा की अध्यक्षता बैंक के प्रशासक एवं जिला कलेक्टर श्री अरुण कुमार पुरोहित ने की।

उन्होंने अपने प्रशासकीय उद्बोधन में सहकारी बैंक की मुख्य गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए सभी सदस्य समितियों के अध्यक्षों व प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक क्षेत्रीय आर्थिक विकास, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने, और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विचारार्थ विषय व अनुमोदन
सभा में बैंक के प्रबंध निदेशक श्री जयपाल गोदारा ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को विचारार्थ प्रस्तुत किया। इनमें मुख्य रूप से –
- 26 मार्च 2025 की साधारण सभा कार्यवाही की पुष्टि
- वर्ष 2024-25 के अंकेक्षित लाभ-हानि खाते एवं संतुलन पत्र का अनुमोदन
- ऑडिट रिपोर्ट अनुपालन की पुष्टि
- वर्ष 2025-26 हेतु स्वीकृत बजट का अनुमोदन
- वर्ष 2026-27 हेतु अधिकतम साख सीमा स्वीकृति
- 2024-25 के बजट के विरुद्ध अधिक हुए खर्चों की पुष्टि
इन सभी विषयों पर सदस्यों ने विस्तृत चर्चा के बाद अनुमोदन प्रदान किया।
सहकारिता योजनाओं पर विचार
सभा में उपस्थित विभिन्न समितियों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने सहकारिता को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें सहकारिता योजनाओं के प्रचार-प्रसार, भूमिहीन सहकारी संस्थाओं को भूमि आबंटन, समय पर ऑडिट, किसानों को ऋण उपलब्ध कराने व ऋण सीमा बढ़ाने, फसल बीमा में सुधार, सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना के समय पर लाभ, तथा अवधिपार ऋण वसूली जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि समयबद्ध ऑडिट और ऋण सीमा में वृद्धि जैसे कदम उठाए जाएं, तो किसानों को अधिक लाभ मिल सकेगा।
समितियों की लाभप्रदता पर जोर
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री पुरोहित ने समितियों की लाभप्रदता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समय पर योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता से सहकारी बैंक और सहकारी समितियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
वहीं बैंक के प्रबंध निदेशक श्री जयपाल गोदारा ने सभी सदस्यों और प्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्य बिंदु
- सहकारी बैंक की साधारण सभा में 142 सदस्यों ने भाग लिया
- विभिन्न प्रस्तावों को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई
- सहकारिता योजनाओं के प्रचार, भूमि आबंटन, ऋण सीमा वृद्धि और फसल बीमा सुधार पर सुझाव
- कलेक्टर ने समितियों की लाभप्रदता बढ़ाने पर दिया जोर
