रियांबड़ी। समाज में शिक्षा और संस्कार के प्रति संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब संस्कार परिवार की लाडली बिटिया गुंजन के जन्मदिन को समाजसेवा के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर संस्कार चिल्ड्रंस एकेडमी रियांबड़ी के डायरेक्टर एवं समाजसेवी भागीरथ डांगा ने एक किसान परिवार की बच्ची को गोद लेकर उसकी शिक्षा का संपूर्ण दायित्व उठाने की घोषणा की।
डायरेक्टर भागीरथ डांगा ने बताया कि नर्सरी कक्षा में अध्ययनरत छात्रा लक्ष्मी, जो श्री सुरेश जी की पुत्री हैं और जिनका परिवार खेती पर निर्भर है, आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों के कारण अपनी शिक्षा को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहा था। लक्ष्मी की तीन बहनें हैं और परिवार के लिए सभी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन हो रहा था। इसी को देखते हुए संस्कार परिवार ने यह मानवीय पहल की।

भागीरथ डांगा ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रा लक्ष्मी संस्कार चिल्ड्रंस एकेडमी रियांबड़ी में अध्ययन करेगी, तब तक उसकी स्कूली शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यकताओं का पूरा खर्च संस्कार परिवार द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें विद्यालय की फीस, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां, पेन-पेंसिल, स्वेटर सहित वाहन किराया भी शामिल रहेगा। उनका कहना है कि आर्थिक अभाव किसी भी बालिका की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए और हर बच्ची को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान संस्कार संस्था की प्रधानाध्यापिका मंजू चौधरी ने छात्रा लक्ष्मी को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और विद्यालय की ओर से उसे बुक्स, बैग व यूनिफॉर्म किट प्रदान की गई। इस सम्मान से छात्रा के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।

इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्य समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देते हैं। संस्कार परिवार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल एक परिवार के लिए सहारा बना है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जिससे अन्य लोग भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर सहयोग के लिए प्रेरित होंगे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/18 दिसंबर 2025
