March 2, 2026
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जयपुर । राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भगवान सांवलिया सेठ का मंदिर विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का केंद्र माना जाता है। हर माह अमावस्या के अवसर पर यहां हजारों-लाखों श्रद्धालु दर्शन और चढ़ावा अर्पित करने आते हैं। इसी परंपरा के तहत इस बार भी मासिक अमावस्या का मेला बड़े धूमधाम और आस्था के वातावरण में शुरू हुआ। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर भगवान सांवलिया सेठ के भंडार को खोला गया और चढ़ावे की गिनती का पहला चरण संपन्न हुआ।

पहले चरण में 9 करोड़ 70 लाख रुपए की गिनती

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार चढ़ावे की राशि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। पहले चरण की गिनती में 9 करोड़ 70 लाख रुपए नकद प्राप्त हुए। यह राशि पिछले महीनों की तुलना में अधिक बताई जा रही है, जिससे भक्तों की बढ़ती श्रद्धा और आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि यह केवल नकद चढ़ावे की गिनती है। मंदिर में चढ़ाए गए सोना-चांदी के आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की गणना व वजन आगामी दिनों में किया जाएगा।

भंडार खुलने की परंपरा और प्रक्रिया

सांवलिया सेठ मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हर अमावस्या पर दो दिवसीय मेला आयोजित होता है। इस दौरान पहले दिन, यानी चतुर्दशी को, मंदिर में राजभोग आरती के बाद भंडार खोला जाता है। मंदिर मंडल के कर्मचारी, बैंक कर्मी और बोर्ड पदाधिकारी एक साथ मौजूद रहकर पारदर्शिता के साथ चढ़ावे की गणना करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिससे मंदिर की आय और उपयोग का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है।

सोमवार को होगा दूसरा चरण

रविवार को अमावस्या के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसलिए रविवार को भंडार से निकली चढ़ावा राशि की गिनती नहीं की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि चढ़ावे की गणना का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होगा। उसी दौरान शेष राशि के साथ-साथ सोना-चांदी के आभूषणों और अन्य चढ़ावे का भी हिसाब-किताब किया जाएगा।

श्रद्धालुओं में उत्साह और भीड़

मासिक मेले के पहले ही दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देशभर से आए भक्तों ने भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन किए और चढ़ावा अर्पित किया। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

सांवलिया सेठ की बढ़ती आस्था

भगवान सांवलिया सेठ को “धन-संपदा के दाता” के रूप में भी जाना जाता है। माना जाता है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर भगवान अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यही कारण है कि यहां हर महीने लाखों रुपए की राशि और कीमती आभूषण चढ़ावा के रूप में आते हैं।

इस बार की गिनती ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भगवान सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की आस्था दिनोंदिन बढ़ रही है। सोमवार को जब दूसरे चरण की गिनती होगी, तब कुल चढ़ावे की अंतिम राशि और आभूषणों का वजन सामने आएगा।

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