पादूकलां। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान की पालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के निर्देशानुसार निकटवर्ती ग्राम पंचायत सथाना कलां स्थित शहीद इनायत खां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक साक्षरता बढ़ाना, सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक बनाना तथा संविधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देना रहा।
शिविर में पीएलवी जुगल सिंह सोंलकी ने विद्यार्थियों को कानून की बारीकियों से अवगत कराते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की नींव रखते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। ऐसे मामलों की सूचना संबंधित प्रशासन या विधिक सेवा प्राधिकरण को देकर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने में हर नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। आर्थिक रूप से कमजोर, महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों और मूल कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण के विषय पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अधिकाधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा संवैधानिक कर्तव्य है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह आवश्यक है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य रुधाराम राडा, उपप्रधानाचार्य आरिफ मोहम्मद भाटी सहित महेश सिंहली, उम्मेद सिंह, सुरेन्द्र सिंह सांदू, धर्माराम तेतरवाल, मोतीलाल, रामनिवास गढ़वाल, नेमाराम गाल, दीपक शर्मा, प्रदीप भानू, जस्साराम लोरा, अर्जुनराम बेखाल, हनुमानराम गर्वा एवं समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने शिविर में भाग लेकर विधिक जानकारी प्राप्त की।
शिविर के अंत में विद्यार्थियों ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने और जागरूक नागरिक बनने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रशासन ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
– नितिन सिंह/नागौर
