नागौर। जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर नागौर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में संचालित सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय (निजी) विद्यालयों में कक्षा प्री-प्राइमरी से कक्षा पांचवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक यह अवकाश 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कक्षा प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है, इसी को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 6वीं से ऊपर की कक्षाएं यथावत रूप से संचालित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालय संस्थान प्रधानों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय घना कोहरा, शीतलहर और ठंडी हवाओं के कारण आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए ठंड के मौसम में सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अवकाश की सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाएं।
जिला कलेक्टर ने आमजन से भी अपील की है कि वे शीतलहर के दौरान सतर्कता बरतें, आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी आवश्यकतानुसार निर्णय लिए जाएंगे।
