भेरूंदा (नागौर) / शिक्षक एवं कर्मचारी हितों की रक्षा और लंबित मांगों के समाधान को लेकर संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आयोजित जन चेतना रैली में शिक्षकों ने संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद की। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत की राज्य इकाई के आह्वान पर आयोजित इस रैली में उप शाखा भैरून्दा के शिक्षकों ने उत्साह और अनुशासन के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई। रैली का उद्देश्य सरकार का ध्यान शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग की वर्षों से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करना रहा।

रैली का नेतृत्व धर्माराम तेतरवाल ने किया। उनके नेतृत्व में शिक्षक एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़े। रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति, स्थानांतरण, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
रैली में उपस्थित शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी प्रकार के टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपनी जायज मांगों के लिए संगठित संघर्ष करना उनकी मजबूरी है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
जन चेतना रैली में रामदेव सांई, घनश्याम सिंह चारण, जस्साराम लोरा, परमाराम तेतरवाल, सुरेंद्र सिंह, रामदेव उंडद, भियाराम, नेमाराम, सुखराम जाट, रामागिरी, जगदीश कड़वा, मेघावाट, रामनिवास, प्रदीप कुमार, हनुमान राम, लक्ष्मण, दीपक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संगठन को मजबूत रखने और संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया।
शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक संगठन के माध्यम से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। पूरी रैली अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिससे शिक्षकों की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेश सामने आया।
