हरसौर | संवाददाता | जुगल दायमा
शिक्षा, समाजसेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ग्राम नेतियास निवासी सुशील चौधरी को मानद डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान उन्हें भारत सरकार के प्रतिष्ठित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
यह सम्मान समारोह अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन संस्था द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से शिक्षा, समाजसेवा, राजनीति, प्रशासन और फिल्म जगत से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री स्नेहा उल्लाल सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मंच पर उपस्थित रहे।
शिक्षा और समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान
सुशील चौधरी लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार, युवाओं को मार्गदर्शन, और सामाजिक चेतना बढ़ाने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
उनके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों और समाजहित में दी गई सेवाओं को देखते हुए मानद डॉक्टरेट समिति ने उन्हें इस प्रतिष्ठित उपाधि के लिए नामांकित किया। समिति ने बताया कि चौधरी ने शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में जो मिसाल कायम की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
राष्ट्रीय स्तर का भव्य आयोजन
सम्मान समारोह के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकार विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिनमें सुशील चौधरी का नाम विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रहा।
सम्मान मिलने पर व्यक्त किए भाव
मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद सुशील चौधरी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने समाजहित के कार्यों में उनका सहयोग किया। उन्होंने कहा कि यह उपाधि उन्हें आगे भी शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगी।
क्षेत्र में खुशी की लहर
सुशील चौधरी को यह सम्मान मिलने पर हरसौर क्षेत्र और ग्राम नेतियास में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया।
यह सम्मान न केवल सुशील चौधरी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह साबित करता है कि सच्ची लगन, सेवा भावना और शिक्षा के प्रति समर्पण से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
नितिन सिंह/ वीबीटी न्यूज/16 दिसंबर 2025
