नागौर जिले के थांवला कस्बे के निकटवर्ती ग्राम देवगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तम्बाकू मुक्त युवा अभियान (TFYC 3.0) के अंतर्गत मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तम्बाकू के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिला संदर्भ व्यक्ति हरिकृष्ण सहारण, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थांवला, तथा विद्यालय प्रधानाचार्या सपना जैन के निर्देशन में विद्यार्थियों को तम्बाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान, आर्थिक हानि, तथा परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।
मुख्य वक्ता हरिकृष्ण सहारण ने छात्रों को विशेष रूप से बताया कि तम्बाकू का सेवन न केवल कैंसर, हृदय रोग, और फेफड़ों की समस्याओं का कारण बनता है, बल्कि यह विद्यार्थियों की एकाग्रता, ऊर्जा और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रभावित करता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को तम्बाकू त्याग की शपथ दिलाते हुए कहा कि युवा पीढ़ी यदि नशे से मुक्त रहेगी तो समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनेगा।
कार्यक्रम में विद्यालय विकास समिति के सदस्य ओंकार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी तम्बाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। ओंकार ने कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे ज्यादा अहम होती है और ऐसे अभियान युवाओं में सकारात्मक सोच पैदा करते हैं।
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे स्वयं तम्बाकू से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रशासन ने ऐसे जनहितकारी अभियानों को भविष्य में भी जारी रखने की बात कही।

इस प्रकार तम्बाकू मुक्त युवा अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ, जिसने उनमें स्वस्थ और नशामुक्त जीवन की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/09 दिसंबर 2025
