संवाददाता / नितिन सिंह
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर थांवला कस्बे में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बस स्टैंड स्थित प्राचीन थानेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को भव्य शिव बारात निकाली गई, जिसने पूरे कस्बे को शिवमय बना दिया।

बारात का शुभारंभ चामुण्डा माता मंदिर से हुआ। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शिव स्वरूप सजे कलाकारों और भक्तों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। बारात कस्बे की विभिन्न गलियों और मुख्य मार्गों से गुजरती हुई पुनः प्राचीन थानेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान शिव का स्वागत किया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
शिव बारात में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पुणे (महाराष्ट्र) से आए जगदम्बा ढोलताशा ग्रुप ने जोशीले ढोल-ताशों की थाप से माहौल को ऊर्जावान बना दिया। उनकी ताल पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। वहीं हरियाणा के खुशमीत आर्ट ग्रुप ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। थानेश्वर डमरू झांझ मंडल के कलाकारों ने डमरू और झांझ की गूंज से पूरे कस्बे को ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।
बारात में भगवान शिव, माता पार्वती और गणों की सजीव झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शिव के रूप में सजे कलाकारों की भव्य प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। मंदिर कमेटी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। मंदिर प्रांगण सहित मुख्य मार्गों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट से सजाया गया, जिससे रात में पूरा क्षेत्र आलोकित और दिव्य प्रतीत हुआ।

मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों ने भीड़ को नियंत्रित करने और शोभायात्रा को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और उल्लास साफ झलक रहा था।
आयोजन के तहत रविवार शाम महाआरती और भजन संध्या का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें दादूदयाल गौशाला निवाई के प्रकाशदास महाराज, बीकानेर के नानू गोपाली, पुणे के सितार वादक प्रतीिक खेरे तथा निम्बोला के महेन्द्र डांगी अपनी टीम के साथ भजनों की प्रस्तुति देंगे। आयोजकों के अनुसार भजन संध्या में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महाशिवरात्रि महोत्सव के इस भव्य आयोजन ने थांवला कस्बे में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर संदेश दिया। ढोल-ताशों और डमरुओं की गूंज के साथ निकली यह शिव बारात श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गई।
