थांवला कस्बे के भेरून्दा रोड स्थित नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन की चारदीवारी निर्माण को लेकर बुधवार को ग्रामीणों में रोष देखने को मिला। पावर हाउस के पास रहने वाले लोगों ने निर्माण कार्य बंद कराने का आह्वान किया और मौके पर पहुंचे चिकित्सा विभाग के नागौर एईएन नितिन कलावत को अपनी समस्या से अवगत कराया।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वज पिछले करीब साठ वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज थे। जब अस्पताल निर्माण की स्वीकृति मिली थी, तब चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि अस्पताल का एक मुख्य गेट उनके घरों की ओर जाने वाले रास्ते पर लगाया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में उन्हें सीधा और सुगम मार्ग मिल सके।
अब अस्पताल के चारों ओर चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को उपचार के लिए लगभग एक किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में यह दूरी मरीजों के लिए भारी पड़ सकती है। इसी बात से आक्रोशित होकर उन्होंने मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे एईएन नितिन कलावत को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने निवर्तमान सरपंच मंजूबाला कुमावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र प्रस्तुत कर रास्ता खुलवाने की मांग की। मौके पर मौजूद राहुल, रामदेव कुमावत, नरेश, पुनाराम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा निर्मित सरकारी आवास की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री के कारण भवन का प्लास्टर अभी से उखड़ने लगा है। इस पर एईएन नितिन कलावत ने ठेकेदार को निर्माण कार्य में अधिक तराई करने और रोजाना कार्य की वीडियो रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
अधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि वे इस संबंध में बीसीएमओ भेरून्दा से लिखित आदेश लेकर आएं, ताकि विभागीय स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल प्रशासन ने समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है, लेकिन ग्रामीण रास्ता खुलने तक निर्माण कार्य पर निगरानी बनाए रखने की बात कह रहे हैं।
