थांवला। कस्बे में आज मकर संक्रांति पर्व को श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर कस्बे के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर पोष बड़ा और लापसी के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे कस्बे में धार्मिक वातावरण देखने को मिला और लोगों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
देशभर में मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। कुछ स्थानों पर यह पर्व 14 जनवरी को तो कुछ क्षेत्रों में 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार आज दोपहर करीब 3:20 बजे सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश किया, जिसके साथ ही सूर्य उत्तरायण हो गए। मकर संक्रांति हिंदू धर्म का अत्यंत पावन पर्व माना जाता है। उत्तरायण काल को देवताओं का समय कहा गया है, इसलिए इस दौरान पवित्र नदी में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान-दान करने से पापों का प्रायश्चित होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
पर्व के अवसर पर बुधवार को भी कस्बे में उत्साह का माहौल रहा। बालक-बालिकाओं सहित महिलाओं और पुरुषों ने छतों व खुले मैदानों में पतंगबाजी का भरपूर आनंद लिया। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजा नजर आया, वहीं बच्चों की खुशियों ने पर्व की रौनक और बढ़ा दी।
गौरक्षा दल थांवला के अध्यक्ष शैलेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि धर्मार्थ पुण्य कमाने के उद्देश्य से कस्बे में पुलिस थाना के पास, बस स्टैंड, शिव मंदिर के पीछे, किसान चौराहा, गेंदरों की ढाणी और तेजा चौक में पोष बड़ा व लापसी का आयोजन किया गया। इस दौरान आम लोगों के साथ-साथ गौमाता को भी प्रसाद खिलाया गया। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक कार्यक्रम हर वर्ष परंपरागत रूप से आयोजित किया जाता है और आगे भी इसी श्रद्धा के साथ जारी रहेगा।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/14 जनवरी 2026
