थांवला। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से थांवला पुलिस थाना परिसर में लखपति दीदी आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र की महिलाओं को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी तरीकों की जानकारी प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार नागौर जिले में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कम्युनिटी पुलिसिंग), राजस्थान जयपुर द्वारा 27 फरवरी 2026 को निर्देश जारी किए गए थे कि जिले में “लखपति दीदी” को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षित महिला कांस्टेबलों को मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाए। इन निर्देशों के तहत महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र, जिला नागौर में कार्यरत प्रशिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दें।

इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय नागौर में कार्यरत महिला कांस्टेबल मंजू चाहर और कृष्णा जाट, जो मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित हैं, तथा थाना थांवला में कार्यरत महिला हेड कांस्टेबल गल्लो बाई को यह निर्देश दिए गए कि वे क्षेत्र की लखपति दीदियों को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को दैनिक जीवन में काम आने वाली कई आत्मरक्षा तकनीकें सिखाई गईं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने महिलाओं के मोबाइल फोन में RajCop Citizen एप डाउनलोड करवाया और इसमें उपलब्ध “Need Help” फीचर के उपयोग की पूरी प्रक्रिया समझाई। महिलाओं को बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में इस एप के माध्यम से तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना है। जब महिलाएं आत्मरक्षा के तरीके सीखती हैं तो वे न केवल अपनी सुरक्षा कर सकती हैं बल्कि समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।
थांवला पुलिस की यह पहल क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय महिलाओं ने भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें आत्मविश्वास मिलता है और वे स्वयं को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
