मुंबई। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए UPI ऐप्स के जरिए तुरंत लोन सुविधा को हरी झंडी दे दी है। अब छोटे-छोटे पर्सनल, गोल्ड और कंज़्यूमर लोन लेने के लिए बैंकों की लंबी कतारों में खड़ा होने की जरूरत नहीं होगी। ग्राहक का क्रेडिट अकाउंट सीधे PhonePe, Paytm, BharatPe, Navi जैसे UPI ऐप्स से लिंक होगा और तय सीमा तक की राशि तुरंत उपयोग की जा सकेगी।
यह कदम भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाएं आसानी से पहुंच पाएंगी।
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क्यों है यह बड़ा बदलाव?
भारत में फिलहाल 30 करोड़ से अधिक UPI यूजर्स हैं।
अब तक UPI का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट और मनी ट्रांसफर तक सीमित था।
RBI की नई मंजूरी के बाद अब क्रेडिट/लोन की सुविधा भी सीधे इन ऐप्स से मिलेगी।
इससे छोटे व्यापारियों, छात्रों, गृहिणियों और जरूरतमंद ग्राहकों को तुरंत आर्थिक मदद मिल सकेगी।
फिनटेक कंपनी Zeta का अनुमान है कि 2030 तक UPI पर 1 ट्रिलियन डॉलर तक के लेन-देन संभव हो जाएंगे। यानी डिजिटल पेमेंट और क्रेडिट दोनों ही क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
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अब बैंक की लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं
पहले ग्राहकों को पर्सनल लोन या छोटे-छोटे कंज़्यूमर लोन लेने के लिए बैंक शाखा में जाकर आवेदन करना पड़ता था। इसमें कई दिन लग जाते थे और डॉक्यूमेंटेशन भी लंबा होता था।
अब यह पूरा प्रोसेस ऑनलाइन UPI ऐप्स के जरिए हो जाएगा। ग्राहक को बस अपना UPI ऐप खोलना होगा, जहां उसका क्रेडिट अकाउंट पहले से लिंक रहेगा। तय सीमा तक का पैसा वह सीधे अपने खाते में ट्रांसफर कर सकता है और तुरंत उपयोग में ला सकता है।
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किन-किन लोन पर मिलेगी यह सुविधा?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुरुआती तौर पर निम्न लोन को UPI से जोड़ने की अनुमति दी है:
✅ गोल्ड लोन
✅ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के खिलाफ लोन
✅ कंज़्यूमर लोन (मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान आदि के लिए)
✅ पर्सनल लोन
यानी अगर आपको तुरंत पैसे की जरूरत है तो अब कुछ ही क्लिक में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
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NPCI की भूमिका
UPI नेटवर्क को मैनेज करने वाली संस्था NPCI (National Payments Corporation of India) ने सितंबर 2023 में ही ‘प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन’ की सुविधा शुरू कर दी थी। हालांकि तकनीकी कारणों से इसे बड़े पैमाने पर लागू नहीं किया जा सका।
लेकिन अब RBI की मंजूरी के बाद NPCI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि:
UPI से दिए गए लोन का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए वह मंजूर हुआ है।
ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री और सिबिल स्कोर को ध्यान में रखकर लोन सीमा तय की जाए।
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बड़े बैंक भी तैयार
कई बैंक और फिनटेक कंपनियां इस मॉडल को लागू करने की तैयारी में जुट गई हैं।
ICICI Bank जैसे बड़े निजी बैंक
Karnataka Bank जैसे क्षेत्रीय बैंक
साथ ही PhonePe, Paytm, BharatPe, Navi जैसे UPI प्लेटफॉर्म
सभी इस नए बदलाव को तेजी से लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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कैसे मिलेगा तुरंत लोन? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
1. ग्राहक का क्रेडिट अकाउंट UPI ऐप से लिंक होगा।
2. ऐप पर लॉगिन करने के बाद Loan/ Credit Line सेक्शन चुनना होगा।
3. बैंक या NBFC द्वारा मंजूर सीमा (Limit) ऐप पर दिखाई देगी।
4. ग्राहक जितनी राशि की जरूरत है, उसे चुनकर तुरंत उपयोग कर सकता है।
5. EMI या Repayment भी सीधे UPI के जरिए हो सकेगा।
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फायदे क्या हैं?
⏱ तुरंत लोन अप्रूवल और डिस्बर्समेंट
📱 सिर्फ मोबाइल ऐप से पूरा प्रोसेस
🏦 बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं
🌍 ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आसान पहुंच
💳 डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा
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लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं
हर नई सुविधा के साथ कुछ खतरे और चुनौतियां भी आती हैं।
🔴 लोन रिकवरी की समस्या:
छोटे लोन पर अगर डिफॉल्ट बढ़े तो बैंकों को वसूली में दिक्कत हो सकती है।
🔴 डेटा सुरक्षा:
फिनटेक कंपनियों और बैंकों के बीच डाटा शेयरिंग से साइबर सिक्योरिटी का खतरा भी बढ़ सकता है।
🔴 ग्राहक जागरूकता की कमी:
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को EMI और ब्याज दरों की सही जानकारी न होने से वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है।
एक निजी बैंक के अधिकारी का कहना है कि अगर लोन रिकवरी नियम कड़े नहीं हुए, तो बैंकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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निष्कर्ष
RBI की इस पहल से भारत में डिजिटल लोनिंग सेक्टर को नई उड़ान मिलेगी। यह कदम लाखों लोगों को तुरंत वित्तीय सहायता देने में मदद करेगा और भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को मजबूत बनाएगा।
हालांकि इसके साथ ही सख्त मॉनिटरिंग, डेटा सिक्योरिटी और लोन रिकवरी सिस्टम पर ध्यान देना बेहद जरूरी होगा।
अगर यह मॉडल सफल रहा तो आने वाले समय में UPI न सिर्फ पेमेंट सिस्टम बल्कि क्रेडिट सिस्टम का भी सबसे बड़ा माध्यम बन जाएगा।
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📌 लेखक की राय:
UPI पर लोन सुविधा का यह मॉडल भारत को दुनिया के सबसे उन्नत डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम में शामिल कर सकता है। ग्राहकों को तुरंत सुविधा मिलेगी और बैंकों को नए ग्राहक मिलेंगे। बस जरूरत है कि इसे पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ लागू किया जाए।