डी.डी. चारण / मेड़ता सिटी
मेड़ता सिटी में मंगलवार का दिन एक बड़ा उदाहरण बन गया, जब मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने अपने मानवीय कर्तव्य और तत्परता का परिचय देकर दो राहगीरों की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, मेड़ता सिटी से गोटन रोड पर सवाई माधोपुर निवासी रामकुंवर (40 वर्ष) व आत्माराम बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर बुरी तरह घायल होकर तड़पने लगे।
उसी समय संयोगवश विधायक लक्ष्मणराम कलरू का उधर से गुजरना हुआ। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े लोगों को देख विधायक ने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और बिना किसी देर किए घायलों को उठाकर अपनी गाड़ी में बिठाया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, विधायक ने खुद आगे बढ़कर घायलों की स्थिति संभाली और उन्हें नजदीकी मेड़ता सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा टीम – डॉ. प्रभारी रामेश्वर बेनीवाल, डॉ. ललित चौधरी, डॉ. सुखदेव, डॉ. दौलतराम, डॉ. बलदेवराम, 108 एम्बुलेंस कर्मी हरेंद्र तेतरवाल और बीलू अंसारी ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल दोनों को स्थिर करने के बाद अजमेर रेफर किया गया, जहां आगे का इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों ने विधायक की इस तत्परता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां कई लोग दुर्घटनास्थल पर खड़े होकर वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं कलरू ने बिना किसी दिखावे के घायलों की मदद कर एक मिसाल कायम की।
विधायक कलरू ने कहा, “मानवता सबसे बड़ा धर्म है। जब कोई दुर्घटना पीड़ित मदद की आस में हो, तो तुरंत सहायता करना हम सबका कर्तव्य है।”
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में विधायक की इस संवेदनशील पहल की जमकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह के मानवीय कार्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों की असली पहचान हैं।
मेड़ता की जनता ने भी विधायक लक्ष्मणराम कलरू को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से दो जिंदगियां बच गईं।