नागौर, 11 नवम्बर।
निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार पुरोहित की अध्यक्षता में डीओआईटी स्थित वीसी कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (ईआरओ) मौजूद रहे। इस दौरान मतदाता सूची मैपिंग, ईएफ संग्रहण प्रगति, बीएलओ कार्य प्रदर्शन और सहायता डेस्कों की सक्रियता जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
🔍 मैपिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी पुरोहित ने निर्देश दिए कि मतदाता सूची मैपिंग कार्य में पिछड़ रहे ईआरओ अपने कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के तहत वर्तमान मतदाताओं को पूर्व निर्वाचन सूची से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, गणना प्रपत्र (ईएफ) संग्रहण में भी गति लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “मैपिंग एवं ईएफ संग्रह की प्रगति में नियमित सुधार लाया जाए ताकि कार्यक्रम के उद्देश्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।”
📈 बीएलओ के प्रदर्शन की नियमित मॉनिटरिंग पर बल
डीईओ पुरोहित ने कहा कि जिन बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) का प्रदर्शन अपेक्षा से कम है, उन्हें स्पष्ट लक्ष्य देकर उनकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित ईआरओ और पर्यवेक्षक अधिकारी बीएलओ की दैनिक प्रगति का आकलन करें और समय रहते आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा —
“कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेते हुए लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।”
🧾 सहायता डेस्क सक्रिय करने के निर्देश
बैठक के दौरान डीईओ ने कम प्रगति वाले विधानसभा क्षेत्रों के अधिकारियों से कारण पूछे और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्थापित सहायता डेस्कों को तुरंत सक्रिय किया जाए, ताकि मतदाताओं को आवश्यक जानकारी और सहयोग मिल सके।
साथ ही, हेल्पडेस्क की उपयोगिता को अधिकतम प्रचारित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक मतदाता विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया का लाभ उठा सकें।
💬 समर्पण और टीमवर्क से सफलता की अपील
बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे पूर्ण समर्पण और गति के साथ कार्य करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए टीम भावना के साथ कार्य करना होगा, ताकि नागौर जिले में निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
