जयपुर/नागौर, 1 दिसंबर 2025।
विश्व एड्स दिवस ने इस साल राजस्थान में जागरूकता की लाल मशाल को और ऊँचा किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ने न केवल प्रदेश की उपलब्धियों को सामने रखा, बल्कि उन अनसुने नायकों को भी सम्मानित किया जो एचआईवी/एड्स नियंत्रण की अग्रपंक्ति में दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, जिन्होंने राज्य में एचआईवी उन्मूलन के प्रयासों को एक नई दिशा देने पर जोर दिया। उनके साथ प्रमुख चिकित्सा सचिव श्रीमति गायत्री ए. राठौड़, तथा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशक डॉ. सुशील कुमार परमार ने मंच की गरिमा बढ़ाई।
विक्रम सिंह राठौड़ को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान
राज्य स्तरीय समारोह में नागौर के जिला चिकित्सालय के एसटीआई/आरटीआई क्लिनिक में कार्यरत काउंसलर श्री विक्रम सिंह राठौड़ को उत्कृष्ट सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
उन्हें एड्स जागरूकता एवं उपचार परामर्श के क्षेत्र में प्रभावी कार्य, समुदाय में सतत जागरूकता, परामर्श सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशील मार्गदर्शन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह सम्मान सिर्फ एक कागज़ का प्रमाण नहीं, बल्कि उन अनेक जीवनों का प्रतिबिंब है जिन तक उन्होंने विश्वास, मार्गदर्शन और स्वास्थ्य-समर्थ के स्वरूप में उम्मीद पहुँचाई है।
कार्यक्रम में थीम—“एड्स प्रतिक्रिया को बदलने में व्यवधानों पर काबू पाना”
इस वर्ष विश्व एड्स दिवस का थीम रहा:
“एड्स प्रतिक्रिया को बदलने में व्यवधानों पर काबू पाना”
कार्यक्रम के दौरान इस थीम को विस्तार से समझाया गया और बताया गया कि एड्स उन्मूलन केवल चिकित्सकीय प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि सामाजिक बाधाओं, मिथकों, भेदभाव और जागरूकता की कमी को हटाना भी उतना ही आवश्यक है।
मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अपने संबोधन में कहा कि—
“राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, एआरटी सेंटरों के सुदृढ़ीकरण और सामुदायिक भागीदारी के कारण पिछले वर्षों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। लक्ष्य अभी दूर है, लेकिन सामूहिक प्रयास इसे निश्चित रूप से संभव बनाएंगे।”
प्रदेशभर की उपलब्धियों की समीक्षा
कार्यक्रम में निम्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई—
- एआरटी सेवाओं के विस्तार और उपलब्धता
- जोखिमग्रस्त समूहों तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतियाँ
- स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान
- समुदाय आधारित संगठनों के साथ साझेदारी
- रोकथाम कार्यक्रमों में नवाचार और डिजिटल जागरूकता
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्वास्थ्य कर्मियों, एनजीओ प्रतिनिधियों और परामर्शदाताओं ने अपने अनुभव साझा किए। कई जिलों में सकारात्मक परिणाम उल्लेखनीय रहे, जिनमें नागौर भी प्रमुख रहा।
नागौर के लिए गौरव का क्षण
विक्रम सिंह राठौड़ का सम्मान नागौर जिले के लिए एक प्रेरक क्षण है। यह सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं में जिले के समर्पित योगदान की पुष्टि करता है।
उनके परामर्श कार्य ने न केवल मरीजों की गोपनीयता और भावनाओं का सम्मान किया, बल्कि उपचार-अनुपालन को भी बढ़ाया—जो एचआईवी नियंत्रण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना जाता है।
समापन
राज्य स्तरीय विश्व एड्स दिवस कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं था; यह भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन गया। यह संदेश स्पष्ट था—एड्स को रोकना संभव है, यदि समाज, सरकार और स्वास्थ्य तंत्र एक साथ कदम बढ़ाएँ।
नागौर के लिए यह गर्व का अवसर है कि उसके काउंसलर विक्रम सिंह राठौड़ इस लड़ाई में एक मज़बूत स्तंभ के रूप में उभरे हैं।
नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज/01 दिसंबर 2025
