लखनऊ / ।उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की समस्याएँ सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री का यह संवाद-सत्र एक ऐसे खुले चौबारे की तरह दिखाई दिया, जहां सरकार और जनता के बीच दूरी मिट जाती है। सीएम योगी ने नागरिकों द्वारा प्रस्तुत लिखित आवेदनों की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
जनता से सीधा संवाद — भरोसे का विस्तार
जनता दर्शन में आए लोगों ने अपनी विविध समस्याएँ—भूमि विवाद, स्वास्थ्य उपचार, आर्थिक सहायता, रोजगार, स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दे—मुख्यमंत्री के सामने रखीं। योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक आवेदक से शांत, संयत और ध्यानपूर्वक मुलाकात की। उन्होंने कहा कि “जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है और हर शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी।”
कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने भी सीएम योगी से बातचीत की। बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और उनकी छोटी-छोटी चिंताओं को मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सुना। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ सामुदायिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। सीएम ने कहा कि “नए भारत का भविष्य इन्हीं बच्चों की जिज्ञासा और जागरूकता से निर्मित होगा।”
लगातार जनसंपर्क — सरकार की पारदर्शी नीति का हिस्सा
इससे पहले 18 नवंबर को सीएम योगी ने गोरखपुर में जनता दर्शन किया था, जबकि 16 नवंबर को लखनऊ में आयोजित दरबार के दौरान भी अनेक शिकायतों का समाधान किया गया था। योगी सरकार नियमित जनता दर्शन को एक ऐसे प्रणालीगत माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है, जिसकी सहायता से नागरिकों की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँच सकें और उन पर तेजी से कार्यवाही हो।
सीएम योगी ने हाल ही में हरियाणा के झज्जर स्थित सिद्ध बाबा पालननाथ आश्रम में प्राण प्रतिष्ठा और आत्म-भंडारे में भाग लिया था। यहां उन्होंने सनातन संस्कृति की वैश्विक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भारत की आध्यात्मिक विरासत कश्मीर के कैलाश से लेकर रामेश्वरम तक एक अखंड सांस्कृतिक धारा का निर्माण करती है।” उन्होंने मानव विकास में सनातन मूल्य-व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।
संभल के विकास कार्यों की समीक्षा भी की
मुख्यमंत्री ने संभल जिले में चल रहे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करते हुए समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभल का चरणबद्ध और तेज विकास सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने कहा कि जिले का सर्वांगीण विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
जनता दर्शन—जनता की आवाज, सरकार का संकल्प
लखनऊ का यह जनता दर्शन कार्यक्रम राज्य सरकार की जनसंपर्क नीति का मजबूत उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास न केवल लोगों को राहत और भरोसा देता है, बल्कि प्रशासन को भी जवाबदेह और सक्रिय बनाता है। जन संवाद की यह श्रृंखला प्रदेश के शासन मॉडल में पारदर्शिता और संवेदनशीलता को और मजबूत करती दिख रही है।
नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज़ / 01 दिसंबर 2025
