नागौर।गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने रविवार को नागौर के एक दिवसीय दौरे के दौरान श्रीराम कॉलोनी स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति और समृद्धि तभी संभव है जब धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक सभी क्षेत्र के लोग एकजुट होकर समाज के समग्र विकास की दिशा में कार्य करें।
राज्य मंत्री ने मंदिर परिसर में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि संस्कृति और विरासत का देश है। हमारी परंपराएं, हमारे संत-महात्माओं की वाणी और वेद-पुराणों में वर्णित व्यवस्थाएं आज भी मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समय है, जब हमें अपनी संस्कृति और विरासत के संरक्षण का बीड़ा उठाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन मूल्यों को आत्मसात कर सकें और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।
मंत्री बेढ़म ने भगवान देवनारायण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे राजस्थान की धरती से हजारों वर्ष पूर्व किसान उत्थान की बात लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि भगवान देवनारायण केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक चेतना और समानता के पुरोधा भी रहे हैं। ऐसे संतों की शिक्षाओं को आत्मसात करके हम समाज में एकता, भाईचारे और जागरूकता ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत नहीं है, बल्कि यह हमें समाज की सेवा, सहयोग और एकजुटता की प्रेरणा भी देता है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक विकास के साथ-साथ शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर भी गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। शिक्षा के बिना समाज का समग्र विकास अधूरा है। जब तक हर बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक हम सशक्त समाज की कल्पना नहीं कर सकते।
राज्य मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी पारंपरिक भारतीय संस्कृति आज चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के नाम पर हम अपनी संस्कृति, परंपराएं और पारिवारिक मूल्य खोते जा रहे हैं, जिससे समाज में बिखराव की स्थिति पैदा हो रही है। परिवारों में टूटन और रिश्तों में दूरियाँ बढ़ रही हैं, जो हमारी एकता को नुकसान पहुंचा रही हैं।
उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि हम देवनारायण भगवान की सोच और आदर्शों पर चलेंगे, तो समाज में पुनः भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना को स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने मंच से अपील करते हुए कहा कि हमें मंदिरों और धार्मिक स्थलों को सिर्फ पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता के केंद्र बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के बाद स्थानीय पार्षद एडवोकेट गोविंद कड़वा सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने राज्य मंत्री के समक्ष मुख्य सड़क से मंदिर तक सीसी ब्लॉक सड़क निर्माण और अधूरे पड़े सीवरेज कार्य को शीघ्र पूर्ण करवाने की मांग रखी। इस पर मंत्री बेढ़म ने भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया को निर्देशित किया कि वे नगर परिषद के सहयोग से इन कार्यों को शीघ्र पूरा करवाएं ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उपस्थित रहे। मंच संचालन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा देवनारायण भगवान की शिक्षाओं और उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए गए। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण भी हुआ, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
इस अवसर पर मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों को पर्यटन और संस्कृति से जोड़कर उनका विकास करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
उपसंहार में, राज्य मंत्री का यह संदेश स्पष्ट था कि समाज का समग्र विकास केवल धार्मिक रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ-साथ हमें शिक्षा, संस्कृति, विरासत और सामाजिक चेतना जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी अपनाना होगा। उन्होंने अंत में कहा कि जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी साथ लेकर चलेंगे, तो ही हम वास्तविक रूप से देवनारायण भगवान की सोच और भारतीय संस्कृति की आत्मा को सजीव कर सकेंगे।