डी. डी. चारण | मेड़ता सिटी
नागौर जिले की गौशालाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नागौर जिला गौशाला संघ के प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर में शासन सचिव डॉ. समिति शर्मा से मुलाकात कर गौशालाओं को अनुदान दिलाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। उनकी इस पहल पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई हुई और मौके पर ही ₹7.45 करोड़ (7,44,53,800 रुपये) की राशि अनुदान के रूप में जारी कर दी गई।
गौशालाओं को अनुदान न मिलने से थी परेशानी
नागौर जिले की चालीस गौशालाओं का अनुदान अप्रैल, मई और जून 2024 से बकाया चल रहा था, जिससे इन गौशालाओं के संचालन में कठिनाइयाँ आ रही थीं। पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और गौशाला संचालकों को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा था।
इस समस्या को लेकर नागौर जिला गौशाला संघ के जिलाध्यक्ष रामजीवन डांगा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर जाकर शासन सचिव डॉ. समिति शर्मा से मुलाकात की और उन्हें अनुदान जल्द जारी करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधि मंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस प्रतिनिधि मंडल में नागौर जिले की विभिन्न गौशालाओं के पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- रामजीवन डांगा (जिलाध्यक्ष, नागौर जिला गौशाला संघ)
- अमराराम लामरोड़ (अध्यक्ष, रियां बड़ी)
- छोटाराम वैष्णव (सचिव, रियां ब्लॉक)
- घेवरराम खदाव (डांगावास)
- अन्य गौशाला संचालक और पदाधिकारी
शासन सचिव ने तत्काल लिया संज्ञान
प्रतिनिधि मंडल ने जब शासन सचिव डॉ. समिति शर्मा को गौशालाओं की स्थिति से अवगत कराया, तो उन्होंने तत्काल इस विषय को गंभीरता से लिया। उन्होंने गोपालन विभाग के डायरेक्टर से फोन पर चर्चा की और जल्द से जल्द अनुदान जारी करने के निर्देश दिए।
मौके पर ही 7.45 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत
डायरेक्टर ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए ₹7,44,53,800 की राशि को नागौर जिले की गौशालाओं के लिए पशुपालन विभाग के बजट से ट्रेजरी में भिजवा दिया। इस त्वरित कार्रवाई से गौशालाओं को राहत मिली और गौपालकों ने शासन सचिव का आभार व्यक्त किया।
गौशाला संचालकों ने जताया आभार
नागौर जिले की गौशालाओं के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए डॉ. समिति शर्मा का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इससे हजारों गौवंश को राहत मिलेगी और गौशालाओं के संचालन में आने वाली वित्तीय बाधाएँ दूर होंगी।
डॉ. समिति शर्मा: पूर्व में नागौर के कलेक्टर भी रह चुके हैं
गौरतलब है कि डॉ. समिति शर्मा पहले नागौर जिले की कलेक्टर भी रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इस वजह से वे जिले की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं और प्रशासनिक अनुभव के कारण त्वरित निर्णय लेने में सक्षम हैं।
गौशालाओं के लिए राहत: अनुदान राशि का उपयोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अनुदान राशि गौशालाओं में—
- पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था
- गौशाला के रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति
- बीमार और घायल गौवंश के इलाज हेतु चिकित्सा सुविधा
- अन्य गौसेवा से संबंधित आवश्यक कार्यों में उपयोग की जाएगी।
ग्रामीणों और गौशाला संचालकों में हर्ष
इस निर्णय से पूरे नागौर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। गौशाला संचालकों को बड़ी राहत मिली है और ग्रामीणों ने भी सरकार के इस निर्णय की सराहना की। इस फैसले से यह भी स्पष्ट हुआ कि शासन प्रशासन गौसेवा और गौशालाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेता है।