नागौर, 25 मार्च – राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में साप्ताहिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 30 मार्च 2025 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को राजस्थान दिवस मनाए जाने के उपलक्ष्य में भव्य आयोजनों की शुरुआत मंगलवार से हो गई।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बाड़मेर में हुआ, जबकि नागौर में टाउन हॉल में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन संपन्न हुआ। इस दौरान महिलाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली, जिससे प्रदेश की महिलाओं में जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना को बल मिला।
जिला स्तरीय महिला सम्मेलन: अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण आयोजन में विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- नगर परिषद सभापति – मीतू बोथरा
- जिला कलेक्टर – अरुण कुमार पुरोहित
- जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी – रविंद्र कुमार
- उपखंड अधिकारी (नागौर) – गोविंद राम भींचर
- महिला अधिकारिता विभाग उपनिदेशक – जितेंद्र शर्मा
- समेकित बाल विकास सेवाएं उपनिदेशक – दुर्गा सिंह उदावत
- श्री बी.आर. मिर्धा राजकीय महाविद्यालय, नागौर के प्राचार्य – हरसुख छंरग
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक – कुंभाराम रेलावत
इनके अलावा, जिला स्तरीय अधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ, छात्राएँ और विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आई हुई महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराना और उनके सशक्तिकरण को गति देना था। इसी क्रम में, काली बाई भील व देवनारायण मेधावी छात्रा स्कूटी वितरण योजना के तहत 35 बालिकाओं को स्कूटी प्रदान की गई। इसके अलावा, 10 से अधिक महिलाओं को इंडक्शन कुक टॉप का सांकेतिक वितरण किया गया, जिससे वे ऊर्जा बचत तकनीक का लाभ उठा सकें।
सरकारी योजनाओं से मिली महिलाओं को बड़ी राहत
राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास से जुड़ी कई योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता दी गई।
- लाड़ो प्रोत्साहन योजना: इस योजना के अंतर्गत 7.5 करोड़ रुपये की पहली किश्त डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
- महिला समूहों को आर्थिक सहायता: महिला समूहों को लगभग 100 करोड़ रुपये की सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) राशि प्रदान की गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
- 3 हजार महिलाओं को इंडक्शन कुक टॉप का वितरण: ताकि वे ऊर्जा की बचत कर सकें और आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।
- कालीबाई भील योजना: इस योजना के तहत 5,000 मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण किया गया।
- गर्गी पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन योजना एवं मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना: इस योजना के तहत 31,790 बालिकाओं को 13.16 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
- विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना: इस योजना के तहत विभिन्न मेधावी छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
- एलपीजी सब्सिडी: 1.10 करोड़ महिला प्रमुख परिवारों को 200 करोड़ रुपये की एलपीजी सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
महिला और बाल कल्याण योजनाओं के दिशा-निर्देश जारी
इस अवसर पर सरकार ने कई नई योजनाओं और दिशा-निर्देशों की भी घोषणा की, जिनमें शामिल हैं:
- अति कुपोषित बच्चों के लिए टेक होम राशन: अब दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम कर दी गई है, जिससे बच्चों को बेहतर पोषण मिल सके।
- सोलर दीदी योजना: इस योजना के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा से संबंधित प्रशिक्षण एवं उपकरण दिए जाएंगे।
- बर्तन बैंक योजना: प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक योजना लागू करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे एकल उपयोग प्लास्टिक को कम किया जा सके।
किसान सम्मेलन: राजस्थान दिवस उत्सव के दूसरे दिन प्रमुख आयोजन
राजस्थान दिवस उत्सव का दूसरा दिन किसानों को समर्पित रहेगा। 26 मार्च को दोपहर 12 बजे टाउन हॉल में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन और एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बीकानेर में हो रहे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण भी किया जाएगा।
किसानों के लिए यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, जिनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देना है।
राजस्थान दिवस उत्सव: आगे के कार्यक्रम
राजस्थान दिवस उत्सव सप्ताह के अंतर्गत अगले कुछ दिनों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- 27 मार्च: युवा सशक्तिकरण एवं कौशल विकास से संबंधित कार्यक्रम
- 28 मार्च: सांस्कृतिक संध्या एवं लोकनृत्य कार्यक्रम
- 29 मार्च: पर्यावरण जागरूकता अभियान
- 30 मार्च: राजस्थान स्थापना दिवस का भव्य समापन समारोह
महिला सम्मेलन से मिली प्रेरणा
राजस्थान दिवस उत्सव की शुरुआत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के साथ करने का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान की महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और यदि उन्हें सही अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ, तो वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
राजस्थान दिवस उत्सव के तहत आयोजित महिला सम्मेलन ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य किया है। इस कार्यक्रम ने राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है और आने वाले वर्षों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
राजस्थान दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति और विकास की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।