January 15, 2026
wordpress_feature_image

नागौर / राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर नागौर जिला मुख्यालय स्थित गांधी चौक में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों ने अपने मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरा आयोजन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित था, जिसमें लोक संगीत, नृत्य और परंपरागत कलाओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया।

राजस्थान स्थापना दिवस का महत्व

राजस्थान स्थापना दिवस हर वर्ष 30 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में राजस्थान के एकीकरण की याद में मनाया जाता है जब विभिन्न रियासतों को मिलाकर राजस्थान राज्य का गठन किया गया था। यह दिन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास और गौरवान्वित परंपराओं को सम्मान देने के लिए समर्पित है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलकियां

गांधी चौक में आयोजित इस भव्य आयोजन में लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं संगीत प्रस्तुत किए। विभिन्न सांस्कृतिक समूहों ने कालबेलिया, घूमर, चरी नृत्य, भवाई नृत्य और अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लोक गायकों ने राजस्थान की मिट्टी से जुड़े गीत गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर जब लोक नर्तकियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया तो पूरा गांधी चौक तालियों से गूंज उठा।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस सांस्कृतिक संध्या में नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा, जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस, अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविन्द्र कुमार सहित अन्य कई प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की भव्यता और बढ़ गई।

नागौर की लोकसंस्कृति का अनूठा संगम

नागौर जिले की लोकसंस्कृति और परंपराएं राजस्थान की धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यहाँ की कला, संगीत और नृत्य शैलियां पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। इस मौके पर नागौरी कथाएं, फड़ चित्रकला, और मांगणियार संगीत की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकार

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों ने अपनी कला से सभी का दिल जीत लिया। प्रमुख प्रस्तुतियों में शामिल थे:

  • कालबेलिया नृत्य – जिसे नागौर के प्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुत किया।
  • भवाई नृत्य – जिसमें सिर पर मटकी रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य किया गया।
  • मांगणियार गायन – राजस्थानी लोकगीतों का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
  • चरी नृत्य – जिसमें कलाकारों ने जलते हुए दीपक के साथ मनमोहक नृत्य किया।

समाजसेवियों और जनता की भागीदारी

इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। समाजसेवी संस्थाओं ने इस अवसर पर राजस्थान की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया।

प्रशासन की ओर से संदेश

जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने इस अवसर पर कहा, “राजस्थान की संस्कृति अनमोल है और हमें इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इस तरह के आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का कार्य करते हैं।”

पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने कहा, “सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। हमें अपनी परंपराओं पर गर्व है और इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”

उत्साह और उमंग से सराबोर नागौर

नागौर के लोगों ने इस सांस्कृतिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हर ओर राजस्थान के रंग बिखरे हुए थे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे और राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति का आनंद उठा रहे थे।

राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम नागौर की संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम रहा। इस कार्यक्रम ने न केवल राजस्थान की धरोहर को संजोने का कार्य किया बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और सभी सहयोगी संस्थाओं को धन्यवाद दिया गया। इस प्रकार के आयोजन न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देते हैं, बल्कि प्रदेश के गौरवशाली अतीत को भी सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

All India Bar Examination (AIBE) 20 का रिज़ल्ट जल्द जारी किया जाएगा। प्रेमी जोड़े पर पंचायत का फरमान, गांव में मचा हड़कंप संघर्ष से स्टार तक: हार्दिक पांड्या की प्रेरणादायक कहानी PM किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त: फरवरी 2026 तक आ सकती है ₹2,000 की राहत, किसानों को इंतजार जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जन्मदिवस पर भाजपा युवा मोर्चा का सेवा पखवाड़ा, सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल वितरण
All India Bar Examination (AIBE) 20 का रिज़ल्ट जल्द जारी किया जाएगा। प्रेमी जोड़े पर पंचायत का फरमान, गांव में मचा हड़कंप संघर्ष से स्टार तक: हार्दिक पांड्या की प्रेरणादायक कहानी PM किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त: फरवरी 2026 तक आ सकती है ₹2,000 की राहत, किसानों को इंतजार जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जन्मदिवस पर भाजपा युवा मोर्चा का सेवा पखवाड़ा, सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल वितरण