उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने चिनहट थाना क्षेत्र के मल्हौर स्थित शक्ति हाइट्स अपार्टमेंट में छापा मारकर 10 विदेशी महिलाओं को हिरासत में लिया है। ये सभी महिलाएं थाईलैंड की नागरिक हैं और बिना किसी वैध दस्तावेज के लखनऊ में रह रही थीं। पुलिस को शक है कि ये महिलाएं अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकती हैं, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना पर हुई पुलिस की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि शक्ति हाइट्स अपार्टमेंट में कुछ विदेशी महिलाएं गैर-कानूनी तरीके से रह रही हैं। सूचना के आधार पर चिनहट पुलिस ने वहां छापा मारा और जब जांच की गई तो पाया कि 11 विदेशी महिलाएं वहां रह रही थीं। जब उनसे उनके भारत में रहने और अपार्टमेंट किराए पर लेने के बारे में पूछा गया, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।
सिर्फ एक महिला के पास था किराए का समझौता
पुलिस जांच में यह सामने आया कि इन 11 महिलाओं में से सिर्फ एक महिला के पास किराए का समझौता (रेंट एग्रीमेंट) था, जबकि बाकी सभी के पास कोई भी कानूनी दस्तावेज नहीं मिले। इससे पुलिस का शक और भी गहरा हो गया कि ये महिलाएं अवैध रूप से भारत में रह रही हैं। पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।
मकान मालिक और अन्य लोगों पर दर्ज हुआ मामला
जब पुलिस ने शक्ति हाइट्स अपार्टमेंट के मकान मालिक से इन महिलाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
मकान मालिक के पास ना ही:
- किराए पर रखने से जुड़ा कोई आधिकारिक समझौता था
- ना ही विदेशी नागरिकों के पंजीकरण से संबंधित ‘फॉर्म C’ था
- ना ही इन महिलाओं के भारत में ठहरने के उद्देश्य से जुड़े अन्य जरूरी कागजात थे
इसके बाद पुलिस ने मकान मालिक शक्ति सिंह, एक अन्य व्यक्ति आर्चित और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब जांच कर रही है कि इन महिलाओं के भारत आने का उद्देश्य क्या था और क्या वे किसी अवैध गतिविधि में शामिल थीं।
क्या महिलाओं का मकसद संदिग्ध है?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या ये महिलाएं किसी अवैध गतिविधि में शामिल थीं या फिर वे टूरिस्ट वीजा पर आकर अवैध रूप से लखनऊ में रह रही थीं। भारत में विदेशी नागरिकों के रुकने और उनकी निगरानी के लिए विशेष कानून बने हुए हैं। अगर कोई विदेशी नागरिक बिना पंजीकरण के रहता है या बिना वीजा अवधि बढ़वाए भारत में ठहरता है, तो यह गैर-कानूनी माना जाता है।
विदेशी नागरिकों की निगरानी और सख्त होगी
इस घटना के बाद लखनऊ पुलिस अब शहर में रह रहे विदेशी नागरिकों की सख्त निगरानी करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई मकान मालिक विदेशी नागरिकों को बिना उचित कानूनी प्रक्रियाओं के किराए पर रखता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने मकान मालिकों को चेतावनी दी है कि अगर वे किसी भी विदेशी नागरिक को किराए पर रखते हैं, तो उन्हें जरूरी दस्तावेजों की जांच करनी होगी और संबंधित प्रशासन को जानकारी देनी होगी।
क्या है ‘फॉर्म C’ और विदेशी नागरिकों के नियम?
भारत में कोई भी विदेशी नागरिक अगर किसी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, या किराए के मकान में रुकता है, तो उसके लिए मकान मालिक या होटल संचालक को FRRO (Foreigners Regional Registration Office) में ‘फॉर्म C’ जमा करना जरूरी होता है।
अगर किसी मकान मालिक ने ऐसा नहीं किया, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर बढ़ी सख्ती
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई बार विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आते हैं और फिर यहां अवैध रूप से रहने लगते हैं। कुछ लोग गलत धंधों में शामिल हो जाते हैं, जिससे देश की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है।
इसी वजह से लखनऊ पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और शहर में रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों की भी जांच की जा रही है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस ने इन थाईलैंड की 10 महिलाओं को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अगर इन महिलाओं के खिलाफ कोई अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो उन्हें डिपोर्ट (देश से बाहर भेजने) किया जा सकता है।
साथ ही, मकान मालिक और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कोई स्थानीय नेटवर्क इन विदेशी महिलाओं की मदद कर रहा था।