नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले दक्षिण एशिया का भू-राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। भारत द्वारा की गई कुछ निर्णायक सैन्य तैयारियों ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान अपने आतंकी ढांचे को तेजी से पीछे शिफ्ट करने लगा है, मानो उसे किसी बड़े तूफ़ान के आने का अंदेशा हो।
भारत का नो-फ्लाई ज़ोन और संभावित मिसाइल परीक्षण
भारत ने 6 से 8 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी के ऊपर करीब 14,000 किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया है।
यह कदम साफ संकेत देता है कि भारत किसी हाई-रेंज मिसाइल परीक्षण या रणनीतिक सैन्य गतिविधि की तैयारी कर रहा है।
NOTAM (Notice to Air Missions) जारी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड्डयन समुदाय को सतर्क कर दिया गया है कि इस अवधि में यहां किसी भी तरह की उड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इस कदम ने पाकिस्तान की बेचैनी और बढ़ा दी है। क्योंकि भारत के हर बड़े रणनीतिक परीक्षण का सीधा संदेश चीन और पाकिस्तान—दोनों को जाता है।
त्रिशूल युद्धाभ्यास ने बढ़ाया दहशत
इससे पहले भारत ने त्रिशूल नाम का विशाल संयुक्त युद्धाभ्यास किया था।
इस अभ्यास में थल सेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों ने एक साथ ऑपरेशन चलाया।
यह युद्धाभ्यास:
- भारत की संयुक्त युद्ध क्षमता,
- बढ़ती आत्मनिर्भरता,
- और सैन्य इनोवेशन
का खुला प्रदर्शन था।
11–12 दिनों तक चले इस मेगा-एक्सरसाइज ने पाकिस्तान को इतना विचलित किया कि उसने भी घबराकर 2 दिन के लिए अपना NOTAM जारी कर दिया—जिससे उसकी बेचैनी साफ दिखाई देती है।
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का खौफ: पाकिस्तान ने शिफ्ट किए 72 टेरर लॉन्च पैड
बीएसएफ और खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बिल्कुल डर गया है।
इसी के डर से उसने 72 आतंकी लॉन्च पैड्स को भारत सीमा से दूर, अपने देश के गहराई वाले इलाकों में शिफ्ट कर दिया है।
रिपोर्ट यह भी बताती हैं कि:
- कई आतंकी गुटों को एक साथ मिलाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है
- भारत सीमा के पास फिलहाल कोई गतिविधि नहीं दिख रही
- पाकिस्तान सेना और ISI को अंदेशा है कि भारत बर्फबारी के दौरान बड़ा ऑपरेशन शुरू कर सकता है
पाकिस्तान की सरकार और सेना को यह भी पता है कि भारतीय सेना का निशाना कोई आम नागरिक नहीं होता, बल्कि सिर्फ आतंकी ढांचे और लॉन्च पैड होते हैं।
यही कारण है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से लेकर पीएम शहबाज शरीफ तक, सभी तनावग्रस्त नज़र आ रहे हैं।
भारत की तैयारियों ने बढ़ाया दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की हालिया सैन्य गतिविधियों का समय बेहद रणनीतिक है:
- पुतिन की यात्रा
- संभावित मिसाइल परीक्षण
- संयुक्त युद्धाभ्यास
- सीमा पर निगरानी मजबूत
इन सबने मिलकर पाकिस्तान में “ट्रिपल प्रेशर” खड़ा कर दिया है।
भारत की यह रणनीतिक तैयारी पाकिस्तान को साफ संदेश देती है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने की कीमत अब और भारी पड़ेगी।
