टोंक। राजस्थान के टोंक जिले के लिए खेल जगत से गौरव की बड़ी खबर सामने आई है। जिले के मूल निवासी और भारतीय सेना के जांबाज धावक धर्मवीर चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में धर्मवीर ने पुरुषों की 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से टोंक सहित पूरे राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल है।
धर्मवीर चौधरी ने रिले स्पर्धा में अपनी टीम के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 01.61 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराने वाले धर्मवीर की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्रामीण और किसान परिवारों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंच सकती हैं।
जयपुर लौटने पर उपमुख्यमंत्री ने की मुलाकात
ऐतिहासिक सफलता के बाद राजधानी जयपुर लौटे धावक धर्मवीर चौधरी से मंगलवार को प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने धर्मवीर को मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
दिया कुमारी ने धर्मवीर के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने धर्मवीर को प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सोशल मीडिया पर भी की सराहना
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने धर्मवीर चौधरी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने धर्मवीर की मेहनत और सफलता को राजस्थान के लिए गर्व का विषय बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा, “आपकी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने राजस्थान सहित पूरे देश को गौरवान्वित किया है। आपकी यह शानदार उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से आपके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की कामना करती हूं।”
सेना के साथ खेलों में भी बनाई पहचान
भारतीय सेना से जुड़े धर्मवीर चौधरी ने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा और मेहनत से अलग पहचान बनाई है। सेना का अनुशासन और लगातार अभ्यास उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर उन्होंने न केवल भारतीय सेना बल्कि राजस्थान का गौरव भी बढ़ाया है।
धर्मवीर की इस उपलब्धि को ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं के लिए भी बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
टोंक के इस लाल की उपलब्धि पर जिले के खेलप्रेमियों, युवाओं और आमजन में उत्साह है। धर्मवीर चौधरी की सफलता आने वाले समय में क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने और देश के लिए पदक जीतने की नई प्रेरणा देगी।
