राजस्थान में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले अजमेर में चुनावी माहौल गरमा गया है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले वार्ड संख्या 61 में चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अजमेर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान डॉ. राजकुमार जयपाल का विरोध करने का अंदाज खासा चर्चा में रहा। उन्होंने सिर पर काला कपड़ा बांध रखा था और आंखों पर ‘अंधा कानून’ लिखा हुआ काला चश्मा पहनकर प्रशासनिक रवैये के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उनके साथ पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में विभिन्न तख्तियां लेकर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और सभी प्रत्याशियों को समान अवसर देने की मांग उठाई।
वार्ड 61 में दोहरे मापदंड का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अजमेर नगर निगम के वार्ड 61 में चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस एवं प्रशासन का रवैया सभी प्रत्याशियों के प्रति समान नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव मैदान में आमने-सामने खड़ी दोनों महिला प्रत्याशियों के पति पुलिस विभाग में एएसआई पद पर कार्यरत हैं, लेकिन दोनों के मामलों में अलग-अलग रवैया अपनाया गया।
डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी के एएसआई पति को चुनाव के दौरान अवकाश नहीं दिया गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि भाजपा प्रत्याशी के एएसआई पति को चुनाव प्रचार के लिए अवकाश दिया गया। कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक स्तर पर कथित भेदभाव बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के पति की तैनाती उनके गृह क्षेत्र सिविल लाइन थाने में ही रखी गई है। पार्टी का कहना है कि यदि दोनों प्रत्याशियों के परिजनों से जुड़े मामलों में अलग-अलग नियम लागू किए जाते हैं तो इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
‘सभी प्रत्याशियों को मिले समान अवसर’
प्रदर्शन के दौरान डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव केवल मतदान की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। ऐसे में निर्वाचन प्रक्रिया में सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड 61 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रत्याशी से जुड़े लोगों के साथ कथित तौर पर अलग व्यवहार किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
देर रात गाड़ी रोकने और अभद्रता का भी आरोप
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया। डॉ. जयपाल ने आरोप लगाया कि देर रात प्रत्याशी के परिजनों की गाड़ी को रोकने, कथित रूप से अभद्रता करने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रचार सामग्री लगाने से रोकने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि किसी प्रत्याशी या उसके समर्थकों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है तो इससे चुनाव मैदान में समान प्रतिस्पर्धा का वातावरण प्रभावित हो सकता है। पार्टी ने प्रशासन से इन घटनाओं की भी जांच कराने की मांग की।
निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
डॉ. राजकुमार जयपाल ने निर्वाचन आयोग से वार्ड 61 की चुनावी परिस्थितियों का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का दबाव, पक्षपात या भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक प्रत्याशी को नियमों के अनुसार समान अवसर उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल को शिकायत है तो उसका समाधान निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि वार्ड 61 से संबंधित सभी शिकायतों की जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार का भी आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने सत्ता के प्रभाव के कथित इस्तेमाल और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच गलत या भ्रामक जानकारी पहुंचाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने अजमेर की जनता से अपील करते हुए कहा कि मतदाता किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी से संबंधित सूचना को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ यानी सभी प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस की शिकायतों का तत्काल संज्ञान नहीं लिया और कथित पक्षपात का निष्पक्ष समाधान नहीं किया गया तो पार्टी जनता के सहयोग से व्यापक आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के लिए हर संभव स्तर पर शिकायत दर्ज कराएगी।
कलेक्ट्रेट प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
अजमेर कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान संगठन महासचिव महेंद्र चौधरी, विवेक पाराशर, शैलेश गुप्ता, अमित गर्ग, सुमित मित्तल, सुरेंद्र गुर्जर, परवेज खान, चंद्रेश सुनिया, राजेश ईनाणी, मंजूर अली, बृजेश कुमार पांडे, जीवण राम मेघवंशी, लक्ष्मण चौहान, राजीव कच्छावा और मुकेश सबलानिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और निर्वाचन आयोग से वार्ड 61 से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग दोहराई। कांग्रेस का कहना है कि मतदान से पहले यदि शिकायतों का निष्पक्ष समाधान हो जाता है तो इससे मतदाताओं के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर विश्वास और मजबूत होगा।
मतदान से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले वार्ड 61 को लेकर सामने आया यह विवाद चुनावी सरगर्मी को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कांग्रेस ने जहां प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया है, वहीं पूरे मामले में अब प्रशासन और निर्वाचन आयोग के स्तर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वार्ड 61 से संबंधित सभी आरोपों और शिकायतों पर प्रशासन तथा निर्वाचन आयोग का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा। मतदान से पहले इस मामले के समाधान से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
